Book an Appointment
Call Now
9501116997
Whatsapp
9501116997
Skip to the content
Open Hours: Monday to Saturday - 10am to 6pm
mitraeyehospital@gmail.com
9501116997
Mitra eye hospital laser eye surgery and ophthalmology services.Mitraeyehospital
  • About Us
    • Vision & Mission
    • Technology
    • Dr. Akshay Mitra
    • Dr. Harinder Mitra
  • Services
    • Wavelight Plus InnovEyes
    • Blade Free Cataract Surgery
    • Lasik Surgery
    • Vitreoretinal Surgery
    • Glaucoma Management
    • Oculoplastic Surgery
    • Squint Management
    • Keratoconus
    • Eye Strain
    • Eye Trauma
    • Refractive Eye surgery
    • General Eye Examination
    • Paediatric Eye Care
    • Amblyopia
    • Retinal Detachment
    • Diabetic Retinopathy
    • Red Eyes
    • Floaters
    • Night Blindness
    • Automated Robotic Cataract Surgery
    • Lasik Surgery in Ludhiana
    • Blade Free Cataract Surgery in Ludhiana
  • Gallery
  • Videos
  • Book An Appointment

क्या है आंखों की स्माइल लेजर सर्जरी की सम्पूर्ण प्रक्रिया, फायदे और नुकसान ?

Home   : :  Hindi • LASIK surgery
  • About Us
    • Vision & Mission
    • Technology
    • Dr. Akshay Mitra
    • Dr. Harinder Mitra
  • Services
    • Wavelight Plus InnovEyes
    • Blade Free Cataract Surgery
    • Lasik Surgery
    • Vitreoretinal Surgery
    • Glaucoma Management
    • Oculoplastic Surgery
    • Squint Management
    • Keratoconus
    • Eye Strain
    • Eye Trauma
    • Refractive Eye surgery
    • General Eye Examination
    • Paediatric Eye Care
    • Amblyopia
    • Retinal Detachment
    • Diabetic Retinopathy
    • Red Eyes
    • Floaters
    • Night Blindness
    • Automated Robotic Cataract Surgery
    • Lasik Surgery in Ludhiana
    • Blade Free Cataract Surgery in Ludhiana
  • Gallery
  • Videos
  • Book An Appointment

Category: Hindi

स्माइल लेजर सर्जरी आंखों के लिए कौन-सा कार्य करती है ?
Categories
Hindi LASIK surgery

क्या है आंखों की स्माइल लेजर सर्जरी की सम्पूर्ण प्रक्रिया, फायदे और नुकसान ?

    July 20, 2023 7223 Views

आंखों के लिए लेसिक सर्जरी हो या स्माइल लेजर सर्जरी दोनों का अपनी-अपनी जगह पर खास महत्व होता है। वही स्माइल सर्जरी कैसे और किस समय लोगों के द्वारा करवाई जाती है इसके बारे में आज के आर्टिकल में बात करेंगे, तो अगर आंखों की सर्जरी करवाने के बारे में आप भी सोच रहें है तो स्माइल लेजर सर्जरी का चयन करने से पहले आर्टिकल को जरूर पढ़े ;

क्या है आंखों की स्माइल लेजर सर्जरी ?

  • स्माइल लेसिक एक अलग प्रकार की लेजर सर्जरी है, जिसमें आंखों की सतह से झुर्रियां और उम्र बढ़ने के लक्षण हटाने के लिए लेजर का उपयोग किया जाता है। सर्जन स्माइल लेसिक सर्जरी का इस्तेमाल वयस्कों और बच्चों दोनों पर कर सकते है।
  • इसके अलावा आंखों की स्माइल लेजर सर्जरी के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला लेजर बहुत छोटा होता है, जिसकी वजह से सर्जरी के दौरान या बाद में कोई दर्द नहीं होता है। 

आंखों की स्माइल लेजर सर्जरी के बारे में और विस्तार से जानने के लिए पंजाब में आंखों के स्पेशलिस्ट डॉक्टर से जरूर संपर्क करें।

स्माइल लेजर सर्जरी की प्रक्रिया क्या है ?

  • आंखों की स्माइल लेजर सर्जरी एक अन्य सर्जिकल प्रक्रिया है। इसमें सर्जन आंखों से झुर्रियों और उम्र के धब्बों को हटाने के लिए लेजर का उपयोग करते है। 
  • यह सर्जरी उन मरीजों के लिए एक लोकप्रिय विकल्प है, जो सर्जरी या लेजर उपचार जैसी आक्रामक प्रक्रियाओं के बिना अपनी उपस्थिति में सुधार लाना चाहते है। 
  • स्माइल सर्जरी की प्रक्रिया आपकी आंखों की तस्वीरों की एक श्रृंखला लेकर शुरू होती है। इन तस्वीरों के उपयोग से सर्जन आपकी आंख का त्रि-आयामी मॉडल बनाते है।
  • आमतौर पर सर्जरी के दौरान सर्जन का मार्गदर्शन करने के लिए इस मॉडल का उपयोग किया जाता है। 
  • वही इस प्रकार की लेजर सर्जरी खास उपकरणों का उपयोग करके निचली पलक और ऊपरी पलक को हटाकर शुरू होती है।

यदि आप दूर या पास की चीजों को देखने में असमर्थ है, तो इसके लिए आप पंजाब में लेसिक सर्जरी का चयन करें।

नुकसान क्या है स्माइल लेजर सर्जरी का ?

  • इस सर्जरी से आपको इंफेक्शन, नसों को नुकसान और दृष्टि हानि हो सकती है। 
  • सूखी आंखों के जोखिम का बढ़ना भी इसमें शामिल है। 
  • इस सर्जरी का एक ये भी नुकसान है की एक बार सर्जरी के बाद अगर कोई नुकसान होगा तो दोबारा सर्जरी होने पर आपको फिर से खर्चा करना पड़ सकता है।

स्माइल लेजर सर्जरी का खर्चा कितना आता है ?

  • एक वयस्क व्यक्ति के लिए स्माइल लेसिक प्रक्रिया की औसत कीमत 50,000 रुपये से लेकर 1,00,000 रुपये के बीच है। 
  • जबकि, बच्चों के लिए स्माइल लेसिक प्रक्रिया की औसत फीस लगभग 1 लाख रुपये है। 
  • यह मूल्य सीमा सर्जरी करने वाले डॉक्टर और इस्तेमाल किए गए लेजर के प्रकार पर भी निर्भर करता है।

स्माइल लेजर सर्जरी के फायदे क्या है ?

  • इस प्रकार की लेजर सर्जरी का एक मुख्य फायदा यह है कि यह बहुत कम दर्दनाक है। इसका मतलब यह है कि सर्जरी के लिए किसी सामान्य एनेस्थीसिया की जरूरत नहीं होगी। 
  • इसके अलावा आंखों की स्माइल लेजर सर्जरी उपचार के अन्य रूपों की तुलना में कम खर्चीली भी है।

आंखों की स्माइल लेजर सर्जरी के लिए बेस्ट हॉस्पिटल !

  • आप भी अगर आंखों की स्माइल लेजर सर्जरी को करवाकर आंखों की सतह के नीचे की झुर्रियां को कम करना चाहते है तो इसके लिए आप मित्रा आई हॉस्पिटल का चयन जरूर से करें।

आंखों-में-धुंधलेपन-की-समस्या-कैसे-देगी-बड़ी-बीमारी-को-न्यौता
Categories
blurry vision Hindi

जानें आंखों में दर्द और धुंधलेपन की समस्या को नजरअंदाज करना कैसे पड़ सकता है भारी !

    July 1, 2023 9855 Views

आंखों से कम दिखना या आंखों में धुंधलेपन की समस्या काफी बीमारियों को खड़ी कर सकती है, इसके अलावा इस समस्या को नज़रअंदाज़ करने पर व्यक्ति को किस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है इसके बारे में बात करेंगे, इसलिए इसके बारे में जानने के लिए आर्टिकल को अंत तक जरूर से पढ़े ;

आंखों में धुंधलेपन व दर्द की समस्या क्या है ?

  • दिनभर काम करने के बाद जिस तरह हमारा शरीर थक जाता है, ठीक इसी तरह हमारी आंखें भी कई बार ज्यादा थकने पर कुछ संकेत देना शुरू कर देती है, जैसे- आंखों में दर्द का होना, धुंधलापन या फिर चक्कर का आना। तो वही अगर आप इस तरह की समस्याओं को लगातार इग्नोर कर रहे हैं तो यह स्थिति खतरनाक है। 
  • हालांकि यह अधिक खतरनाक स्ट्रोक के खतरे को दूर भी कर सकता है, आंखों की रोशनी में बदलाव हो सकता है, यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि आंखों का स्ट्रोक हमेशा सिर्फ एक आंख में ही होता है।

अगर आपको भी आंखों में धुंधलेपन की समस्या है, तो इससे निजात पाने के लिए आपको लेसिक सर्जरी पंजाब का चयन करना चाहिए।

आंखों में दर्द और धुंधलेपन की समस्या किस तरह की बीमारी को उत्पन करती है ?

  • अधिकतर मामलों में मायोपिया, हाइपरोपिया और एस्टिग्मेटिज्म के कारण आंखों में धुंधलापन की समस्या पैदा होती है। अगर आपके आंखों के धुंधलापन का कारण भी इन तीनों में कोई है तो शुरूआती इलाज के तौर पर आंखों का स्पेशलिस्ट डॉक्टर पंजाब चश्मा या कॉन्टेक्ट लेंस का इस्तेमाल करने का सुझाव देते है।
  • अगर आपको सिर में एक तरफ और कभी-कभी एक आंख के पीछे बहुत दर्द होता है तो ये माइग्रेन के लक्षण हो सकते है।

आंखों में धुंधलेपन के संकेत क्या मिलते है ?

  • उम्र बढ़ने, आंखों में चोट लगने, लेंस खराब होने और कॉर्निया या ऑप्टिक नर्व में किसी तरह की समस्या पैदा होने पर आपके देखने की क्षमता काफी प्रभावित होती है। जिसके नतीजतन, आपको वस्तुएं साफ-साफ देखने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वही इस स्थिति को आम भाषा में दृष्टि का धुंधला होना कहा जाता है।

आंखों के इलाज के लिए बेहतरीन हॉस्पिटल ?

अगर आप चाहते है की आपको आंखों में दर्द और धुंधलेपन की समस्या से निजात मिल सके तो इससे छुटकारा पाने के लिए आपको मित्रा आई हॉस्पिटल का चयन करना चाहिए। वही आपको बता दे की इस हॉस्पिटल में तरह की आंखों की बेहतरीन सर्जरी आधुनिक उपकरणों की मदद से की जाती है ताकि व्यक्ति को आँखों से जुडी किसी भी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े।

आंखों में धुंधलेपन की समस्या किसे सबसे ज्यादा होती है ?

  • जिन लोगों को दिल से जुड़ी कोई बीमारी होती है और वह दवा भी लेते है, लेकिन फिर भी उनमें बीमारी का खतरा सबसे अधिक होता है। 
  • वही आपकी ऑप्टिक डिस्क का आकार भी आपको इस स्थिति के लिए ज्यादा खतरे में डाल सकता है, इसके अलावा जिन लोगों के सामने अचानक धुंधलापन आ जाता है उन्हें स्वास्थ्य विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए. साथ ही आंख की मालिश करके थक्के को हटाने के लिए चार घंटे के अंदर आंखों के स्ट्रोक का इलाज आपके द्वारा करवाया जाना चाहिए।

निष्कर्ष :

आंख अमूल्य और कीमती तौफा है व्यक्ति के लिए, तो अगर इसमें किसी भी तरह की परेशानी आ जाए तो इससे निजात पाने के लिए किसी बेहतरीन डॉक्टर का चयन समय पर जरूर से करें। 


आंखों-के-नीचे-आएं-सूजन-को-कैसे-करें-आसानी-से-कम
Categories
eye care Hindi

आंखों के नीचे सूजन को कम करने के लिए अपनाएं असरदार घरेलू उपचार !

    June 22, 2023 124307 Views

आंखों में सूजन का आना आज के समय में कोई बड़ी बात नहीं है, क्युकि बढ़ते काम और टेक्नोलॉजी का ज्यादा इस्तेमाल करने की वजह से व्यक्ति को इस समस्या का सामना करना पड़ता है। पर आपको अपनी सूजी हुई आंखों को लेकर परेशान नहीं होना है, क्युकि आज के लेख में हम आपकी सूजी हुई आंखों के लिए एक बेहतरीन घरेलू उपाय लेकर आए है, तो आप अगर चाहते है की आपको अपनी सूजी आंखों से छुटकारा मिल जाए तो इसके लिए आपको आर्टिकल के साथ अंत तक बने रहना है ; 

आंखों में सूजन की समस्या क्यों उत्पन्न होती है ?

  • आंखों के आसपास सूजन किसी बीमारी के कारण भी हो सकती है, या ये हमारे द्वारा गलत दिनचर्या का हद से ज्यादा प्रयोग करने की वजह से हो सकता है। वही आंखों में सूजन एडेमा की वजह से भी हो सकता है, और ऐसा तब होता है जब हमारे ऊतकों में तरल पदार्थ ज्यादा जमा हो जाते है। 
  • वही आमतौर पर आंखों के आसपास सूजन ज्यादा सोने और रोने की वजह से भी हो सकती है। कई बार यह सूजन अपने आप चली जाती है, लेकिन कभी-कभी इसका इलाज कराना जरुरी हो जाता है। अगर आपमें भी ये समस्या उत्पन है तो इसे ज्यादा गंभीर होने से पहले आंखों का स्पेशलिस्ट डॉक्टर पंजाब का चयन करें। 

आंखों में सूजन के कारण क्या है ?

  • आंखों में सूजन कई वजह से हो सकती है जैसे कभी-कभी एलर्जी की वजह से इस समस्या का उत्पन होना। 
  • वही आंखों में सूजन आने के अन्य कारणों की बात करें तो इसमें कंजेक्टिवाइटिस, सिंगल्स, पलकों के नीचे की ऑयल ग्रंथि का बंद हो जाना, इंफेक्शन, थायराइड आदि शामिल हैं।
  • यदि आंखों में सूजन के कारण आपकी आंखें धुंधली हो चुकी है तो इससे बचाव के लिए आपको लेसिक सर्जरी पंजाब का चयन करना चाहिए।

कौन-से घरेलू उपाय आंखों में सूजन की समस्या को कम कर सकते है?

  • आंख की सूजन को कम करने के लिए आप एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से युक्त टी-बैग का इस्तेमाल करें, आप टी बैग को भिगोकर आधे घंटे के लिए फ्रिज में रख दें फिर आंख पर 5 से 10 मिनट के लिए रखें. इससे सूजन कम हो सकता है। 
  • बेकिंग सोडा (baking soda) भी सूजन कम करने में काफी सहायक माना जाता है। बस इसके लिए आपको करना ये है की 1 चम्मच सोडे को आधे कप पानी में मिलाकर रूई की मदद से आंखों पर 5 से 10 मिनट के लिए रखना है। 
  • खीरा सबसे असरदार तरीका माना जाता है आंखों की सूजन (स्वैलिंग) को ठीक करने के लिए, बस इसमें आपको दो टुकड़ों को आंखों के उपर रखकर कुछ देर लेटना है। जिससे आपको काफी हद तक राहत महसूस होगा।
  • एलोवेरा भी आपके आंखों की सूजन को कम करने में काफी सहायक माना जाता है। 
  • आलू को भी आप सूजन कम करने के लिए इस्तेमाल में ला सकते है। बस आपको इसकी स्लाइस को सूती कपड़े में बांधकर आखों पर रखना है। और ऐसा करने से आपको आंखों की सूजन की समस्या से आराम मिलेगा। 
  • यदि घरेलू उपायों का असर आपकी आंखों के नीचे के सूजन को कम करने में असमर्थ है तो आंखों का बचाव करने के लिए आपको मित्रा आई हॉस्पिटल का चयन करना चाहिए। 

निष्कर्ष :

आंखों में सामान्य समस्या अगर उत्पन्न हो जाए, तो बचाव के लिए आपको समय रहते किसी अच्छे आंखों के डॉक्टर का चयन कर लेना चाहिए।


फैली-हुई-पुतलियां-कैसे-बन-चुकी-है-चिंता-का-विषय
Categories
Dilated pupils Hindi

जानें फैली हुई पुतलियों के क्या हो सकते है, कारण, बचाव और उपचार !

    June 19, 2023 12775 Views

आंख जो हमारे शरीर का कीमती अंग है, जिसकी मदद से हम पूरी दुनिया की खूबसूरती को देखने में सक्षम हो पाते है। तो वही अगर इनमे किसी तरह की समस्या आ जाए या आंखों की पुतली सामान्य से ज्यादा बड़ी हो जाए तो ऐसे में व्यक्ति को क्या करना चाहिए।

इसके अलावा आज के लेख में हम बात करेंगे की किस कारण व्यक्ति की आँखों की पुतलियां फैल जाती है और इनको फैलने से हम कैसे बचा सकते है इसके बारे में बात करेंगे, इस लिए आर्टिकल के साथ अंत तक बने रहें ; 

फैली हुई पुतलियों के क्या कारण है ?

  • एक आँख की परीक्षा यानि की (नसों और रेटिना की जांच करने के लिए उपयोग की जाने वाली आंखों की बूंदें)।
  • दवा की प्रतिक्रिया भी आपके पुतली फैलाव का कारण हो सकती है।
  • दिमागी चोट से ग्रस्त होना।
  • दवाओं का उपयोग करना।
  • कामोत्तेजना (ऑक्सीटोसिन हार्मोन का बढ़ा हुआ उत्पादन)।
  • यदि उपरोक्त या किसी अन्य कारण से आपकी आँखों की पुतली भी फैल गई है जिस कारण आपको देखने में तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है तो इसको ठीक करने के लिए आप लेसिक सर्जरी पंजाब का चयन कर सकते है।

क्या है फैली हुई पुतलियां ?

  • फैली पुतली वे पुतलियाँ होती हैं जो आकार में सामान्य से काफी बड़ी होती हैं।
  • वहीं आपकी आँखों के रंगीन हिस्से की मांसपेशियों और आपकी आँखों तक पहुंचने वाले प्रकाश की मात्रा से आपकी पुतलियों का आकार नियंत्रित होता है। बता दे कि तेज रोशनी में, आपकी पुतलियां आपकी आँखों में बहुत अधिक प्रकाश के प्रवेश को रोकने के लिए सिकुड़ जाती हैं। 
  • दूसरी तरफ मंद प्रकाश में, आपकी पुतलियां अधिक प्रकाश को प्रवेश करने के लिए फैल या आवश्यकता से ज्यादा बड़ी हो जाती हैं।

यदि अत्यधिक प्रकाश की चपेट में आने की वजह से आपकी पुतलियां ज्यादा ही फैल चुकी है तो इससे बचाव के लिए आपको आंखों का स्पेशलिस्ट डॉक्टर पंजाब का चयन करना चाहिए।

फैली हुई पुतलियों से कैसे करें खुद का बचाव ?

  • यदि आपने या किसी और ने देखा है कि आपकी पुलतियां फैली हैं या आपकी कोई पुतली सिर के चोट के बाद दूसरे की तुलना में बड़ी दिखाई देती है, तो तुरंत डॉक्टरी सहायता लें।
  • तो वही ये बात तब भी लागू होती है, यदि आपको अचानक चक्कर आए, सिरदर्द, भ्रम, संतुलन समस्याओं या संभावित स्ट्रोक के अन्य लक्षणों का अनुभव आप कर रहें हो।
  • यदि आपकी पुतलियां आवश्यकता से ज्यादा फैली हैं या आपकी पुतलियां प्रकाश की बदलती परिस्थितियों की तुलना में धीमी गति से प्रतिक्रिया करती हैं, तो आप धूप के प्रति अधिक संवेदनशील होंगे। तो ऐसे में आप फ़ोटोक्रोमिक लेंस वाला चश्मा खरीदने पर विचार करें जो अधिक आराम के लिए दिन के उजाले में स्वचालित रूप से गहरे रंग का हो जाता है। 
  • फैली हुई पुतलियों के फोटोफोबिया को कम करने और आँखों की कॉस्मेटिक दिखावट में सुधार करने के लिए एक अन्य विकल्प कस्टम प्रोस्थेटिक कॉन्टैक्ट लेंस जरूर से लगवाए। क्युकि ये लेंस सामान्य आकार की बराबर पुतलियों के होने का आभास देते हैं। 

यदि फैली हुई पुतलियां आपके लिए भी चिंता का विषय बन चुकी है तो इससे बचाव के लिए आप मित्रा आई हॉस्पिटल से लेसिक सर्जरी का चुनाव करें या अपनी फैली हुई पुतलियों के बारे में यहाँ के डॉक्टर से जरूर सलाह ले। 

निष्कर्ष :

आंखों में किसी भी तरह की समस्या होने पर डॉक्टर का चयन जरूर से करें।


आंखों के पर्दा फटने से कैसे करें खुद का बचाव !
Categories
eye care Hindi

आंखों के पर्दा फटने का क्या है उपचार और देखभाल के तरीके ?

    June 14, 2023 52190 Views

आंखों के पर्दा फटने की समस्या काफी गंभीर समस्या है, क्युकि आंख एक ऐसा शारीरिक अंग है जिसकी मदद से हम पूरी दुनिया को देखने में सक्षम हो पाते है। पर जरा सोचे किसी कारणवश अगर इनमे किसी भी तरह की समस्या उत्पन हो जाए या आंखों का पर्दा फट जाए तो ऐसे में कैसे करें खुद की आंखों का बचाव और उनकी देखभाल, साथ ही आंखों के पर्दा फटने की समस्या क्यों उत्पन होती है इसके बारे में भी बात करेंगे इसलिए आर्टिकल के साथ अंत तक जरूर से बने रहे ;

आंखों के पर्दा फटने की समस्या क्यों उत्पन होती है ?

  • रेटिनल डिटैचमेंट एक ऐसी स्थिति है, जिसमें रेटिना आंख की पिछली पर्त से अलग हो जाती है। इस कारण रेटिना तक खून का संचार कम होने लगता है। रेटिना अगर ज्यादा समय तक अलग रहे, तो व्यक्ति अपनी दृष्टि हमेशा के लिए खो भी सकता है।

आंखों के पर्दा फटने की समस्या क्यों उत्पन होती है के बारे में विस्तार से जानने के लिए आंखों का स्पेशलिस्ट डॉक्टर पंजाब का चयन करें।

रेटिनल डिटैचमेंट के लक्षण क्या है ?

  • अगर किसी व्यक्ति को नजर के सामने अलग सी रोशनी की किरणें या धागे जैसी हिलने वाली वस्तुएं दिखाई देने लगें।
  • अगर किसी को आंख के किनारों से वस्तुएं अंधेरी दिखाई दें।
  • उपर्युक्त लक्षणों के प्रकट होने पर देरी किए बगैर अनुभवी रेटिना विशेषज्ञ से परामर्श लें।

आंखों से स्पष्ट न दिखने की वजह से या दूर या नजदीक की चीजों को देखने में समस्या का सामना अगर आप कर रहे है तो इस समस्या से निजात पाने के लिए लेसिक सर्जरी पंजाब का चयन करें।

आंखों के पर्दा फटने से कैसे करें खुद का बचाव ?

  • क्रायोथेरेपी एक लेजर ट्रीटमेंट है, जिसका इस्तेमाल रेटिना के छेद या आंसुओं का उपचार करने के लिए किया जाता है। आमतौर पर यह उपचार फ्रीजिंग के ज़रिए किया जाता है, जो आंख के पर्दे (रेटिना) को सील कर देता है।
  • हालांकि, कभी-कभी आंख का पर्दा फटने का उपचार लोगों के लिए असुविधा का कारण भी बन सकता है। तो वही यह उपचार नेत्र रोग विशेषज्ञ द्वारा किया जाता है, जो आंख का पर्दा फटने की प्रग्रति को रोकने में मदद करता है।

आंखों के पर्दा फटने का इलाज क्या है ?

  • “रेटिना में चोट/खरोंच” की सर्जरी में “न्यूमेटिक रेटिनोपैथी” आंख के अंदर विट्रियस की जगह में गैस के बुलबुले का इंजेक्शन बनाता है।
  • आंख के बीच में एक “स्क्लेरल बकल” या लचीला बैंड रखा जाता है, जो रेटिना को बाहर खींचने वाले किसी भी दबाव को संतुलन में रखता है।
  • रेटिना पर खिंचने वाले विट्रियस जेल से छुटकारा पाने के लिए “विट्रेक्टॉमी सर्जरी” की जाती है। इसके अलावा यह सर्जरी तब की जाती है, जब विट्रियस के बुलबुले को गैस के बुलबुले से बदलने की जरूरत होती है।

अगर आप भी आंखों के पर्दे को फटने से बचाना चाहते है तो इसके लिए मित्रा आई हॉस्पिटल से संपर्क करें, क्युकि आपके आंखों में क्या परेशानियां इसके बारे में तो डॉक्टर ही बता सकते है और उसके बाद ही वो आपकी आंखों का इलाज अच्छे से करने में सक्षम हो पाएंगे।

निष्कर्ष :

आंखो में किसी भी तरह की समस्या आने पर जल्द ही आंखों के स्पेशलिस्ट डॉक्टर का चयन आपको कर लेना चाहिए। क्युकि आंखों के पर्दा फटने का बचाव हम तभी कर सकते है, जब सही समय पर हम इसका उपचार करवा ले।


कौन-सी चीजे खिलाने से बच्चों की आंखे होगी मजबूत ?
Categories
eye care Hindi

लक्षण जानकर, बच्चों की कमजोर आंखों को बेहतरीन बनाने के लिए खिलाएं ये चीजें

    May 24, 2023 19147 Views

बच्चो में अक्सर चश्मा छोटी उम्र से ही लग जाता है जिसका कही न कही कारण उन्हें स्वास्थ्य खाने की चीजे न देने की वजह से भी हो सकता है। आंखों में लगे चश्मे को हम कैसे ठीक कर सकते है। खास कर माता-पिता को इस बात की काफी चिंता होती है की वो अपने बच्चो के आँखों की कमजोरी को कैसे दूर करे।

पर आपको बता दे की अब आपकी चिंता ख़त्म होगी क्युकि हम इस आर्टिकल में उस खाने की चीजों के बारे में बताएंगे, जिसका सेवन करने से आप अपने आंखों के सेहत का अच्छे से ध्यान रख सकेंगे ;

क्या है कम उम्र में आंखों के धुंधलेपन के लक्षण ?

आंखों में धुंधलेपन के लक्षण निम्न प्रस्तुत है ;

  • किसी भी चीज पर ध्यान केंद्रित ना कर पाना। 
  • पढ़ने में दिक्कत का सामना करना। 
  • सिर दर्द की समस्या का महसूस करना। 
  • दूर या पास की चीजों को पढ़ने में दिक्कत का सामना करना। 
  • आंखों में खुजली व आंखों का लाल होना।

यदि आंखों में धुंधलेपन के लक्षण ज्यादा गंभीर होते जा रहे है तो आंखों का स्पेशलिस्ट डॉक्टर पंजाब से सम्पर्क करे।

बच्चो में आंखों के धुंधलेपन की समस्या क्यों होती है ?

ये समस्या खान-पान पर खास ध्यान न रखने की वजह से उत्पन होती है। जिसके बारे में हम निम्न में बात करेंगे ;

  • निकट दृष्टि दोष में कार्निया और लेंस, रेटिना पर ठीक तरह से फोकस नहीं बना पाती जिसकी वजह से ये समस्या उत्पन होती है। यह समस्या तब होती है जब आपके बच्चे के आंखों की पुतली थोड़ी लंबी हो जाती है या लेंस बहुत मोटा हो जाता है, जिससे इमेज रेटिना पर बनने के बजाय उसके सामने बनने लगती है।

लेसिक सर्जरी पंजाब का चयन करके आप अपने बच्चे की निकटतम और दूरतम की दृष्टि को ठीक करवा सकते है।

कम उम्र में धुंधलेपन से कैसे करे खुद का बचाव ?

निम्न बातो को ध्यान में रख के आप अपने आप को इस समस्या से निजात दिलवा सकते है ;  

  • विटामिन ए की प्रचूर मात्रा वाली चीजें खाने से आपकी आंखें स्वास्थ्य एव ठीक रहती है। इसके साथ ही आपको विटामिन सी, ई, कॉपर और जिंक आदि खाने को भी अपनी आदत में शामिल करना चाहिए। 
  • आप गाजर, अंडे, कद्दू, पत्ते वाली सब्जियां और शकरकंद आदि खा सकते हैं. तो वही अगर आप नॉन वेज खाते हैं तो मछली आपकी आंख के लिए बहुत फायदेमंद हो सकती है।
  • रंग बिरंगी सब्जियों का सेवन करने से भी आंखों को स्वस्थ रखा जा सकता है. इन सब्जियों में गाजर, शकरकंद आदि शामिल हैं। 
  • कुछ नट्स जैसे काजू, बादाम, अखरोट, मूंगफली आदि भी आंखों के लिए बेहद उपयोगी हैं। इनके अंदर विटामिन ई मौजूद होता है जो न केवल मायोपिया की संभावना कम करता है बल्कि सूखी आंखों की समस्या से भी बचाव कर सकता है।

सुझाव :

यदि आप दूर और नजदीक की आंखों की समस्या से परेशान है तो मित्रा आई हॉस्पिटल से लेसिक सर्जरी का चयन करे। क्युकि इस हॉस्पिटल में नवीनतम उपकरणों के इस्तेमाल से रोगी के आंखों को ठीक किया जाता है। इसके अलावा डॉक्टर उपरोक्त खाने की चीजों को भी इस्तेमाल करने की सलाह देंगे। 

निष्कर्ष :

आंखों में आई किसी भी तरह की समस्या को कृपया नज़रअंदाज़ न करे बल्कि समय रहते इसका खास ध्यान रखे। और किसी भी तरह के उपाय को प्रयोग में लाने से पहले एक बार डॉक्टर से जरूर सलाह ले।


नेत्र-विशेषज्ञ-का-सहारा-लेकर-आंखों-की-परेशानी-का-होगा-जड़-से-निपटारा
Categories
Hindi Ophthalmologist

ऑपथलमॉलजिस्ट: आंखों की समस्याओं से निजात दिलवाने में कैसे सहायक होंगे?

    April 22, 2023 6957 Views

आज के इस लेख में हम बात करेंगे कि आंखों से जुडी कोई भी समस्या के लिए कौन से नेत्र विशेषज्ञ किसमे माहिर होते है।

नेत्र विशेषज्ञ कौन होते है ?

आंखों से जुडी कोई भी परेशानी होती है, तो हम उसका निपटारा करने के लिए नेत्र विशेषज्ञ ऑपथलमॉलजिस्ट (Ophthalmologist) का सहारा लेते है। तो आज के इस लेख में हम नेत्र विशेषज्ञ हमारे लिए कैसे सहायक होंगे उसके बारे में बात करेंगे,

  • एक नेत्र रोग विशेषज्ञ नेत्र रोगों की जांच और उपचार करता है, आंखों की सर्जरी करता है और दृष्टि दोषों को ठीक करने के लिए चश्मा और कॉन्टैक्ट लेंस निर्धारित करके उसे फिट करता है।
  • एक नेत्र रोग विशेषज्ञ एक चिकित्सा (मेडिकल) या ऑस्टियोपैथिक डॉक्टर होता है, जो आंखों की मेडिकल और सर्जिकल देखभाल में काफी माहिर होता है।

यदि आप आंखों की सर्जरी करवाने के बारे में सोच रहे हो, तो डॉक्टर की कार्यदक्षता और उनकी पढ़ाई को जान कर ही आंखों का स्पेशलिस्ट डॉक्टर पंजाब का चुनाव करे। 

क्या ऑपथलमॉलजिस्ट भी आंखों के लिए विशेषज्ञ माने जाते है ?

ऑपथलमॉलजिस्ट किसके लिए विशेषज्ञ माने जाते है, हम उसके बारे में निम्न में बात करेंगे ;

  • बिल्कुल माने जाते है। क्युकि ऑप्टोमेट्रिस्ट एक हेल्थ केयर प्रोफेशनल होता है, जो मोतियाबिंद, ग्लूकोमा और उम्र से संबंधित मैकुलोपैथी जैसी संभावित गंभीर आंखों की बीमारियों और उच्च रक्तचाप और डायबिटीज़ जैसी सामान्य स्वास्थ्य स्थितियों का पता लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है।
  • बता दे कि एक ऑप्टोमेट्रिस्ट एक ऑप्टोमेट्री ग्रेजुएट होता है। यह चार साल की अवधि का प्रोग्राम होता है। इन चार सालों में से तीन साल थियोरी, प्रैक्टिकल और क्लिनिकल लैब्स का एक कॉम्बिनेशन होता है और चौथा साल एक इंटर्नशिप होता है, जहां स्टूडेंट्स प्रेक्टिस करने वाले ऑप्टोमेट्रिस्ट की देख रेख में प्रैक्टिस करते है। 
  • अपने इंटर्नशिप पीरियड में वो मरीज़ का इलाज विशेषज्ञ की देख-रेख में करते है। 

क्या ऑप्टिशियन को भी हम आंखों के विशेषज्ञ डॉक्टर के रूप में जान सकते है ? 

  • बिल्कुल नहीं, क्युकि जो ऑप्टिशियन होते है वो आंखों के डॉक्टर नहीं माने जाते है। लेकिन वे आई केयर टीम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा जरूर होते है। 
  • ऑप्टिशियंस चश्मे और अन्य आईवियर को फिट करने और बेचने के लिए ऑप्टोमेट्रिस्ट या नेत्र रोग विशेषज्ञ द्वारा लिखे गए, प्रिस्क्रिप्शन का उपयोग करते है।
  • ऑप्टिशियंस को आंखों की रोशनी को ठीक करने के लिए चश्मे के लेंस और फ्रेम, कॉन्टैक्ट लेंस और अन्य उपकरणों को डिजाइन, प्री वेरीफाई और फिट करने के लिए ट्रेन्ड किया जाता है। 
  • बस इसके लिए वह नेत्र रोग विशेषज्ञ या ऑप्टोमेट्रिस्ट द्वारा दिए गए प्रिस्क्रिप्शन का उपयोग करते हैं।

यदि निकटतम या दूरतम चीजों को देखने के लिए चश्मे का उपयोग करते है, तो आप नेत्र विशेषज्ञ से सलाह लेकर लेसिक सर्जरी पंजाब से करवा सकते है। 

सुझाव :

यदि आप अपने आंखों की सर्जरी करवाना चाहते है, तो इसके लिए बेस्ट आँखों के हॉस्पिटल का चयन करे या आप मित्रा आई हॉस्पिटल से भी सम्पर्क कर सकते है। क्युकि यहाँ पर आंखों के विशेषज्ञ डॉ हरिंदर मित्रा आंखों की सर्जरी काफी अच्छे से करते है।

निष्कर्ष :

कुछ भी स्पष्ट देखने में यदि आप असमर्थ है। तो बिना देर किए आंखों की सर्जरी का चयन करे। पर उपरोक्त बातो का खास ध्यान रखे। जैसे डॉक्टर की क्वालिफिकेशन और उसका अनुभव। इसके बाद ही आप इस सर्जरी को करवाने के बारे में सोचे।


आँखो-की-दृष्टि-अब-होगी-सही-लेसिक-सर्जरी-का-इस्तेमाल-करो-तो-सही
Categories
Hindi LASIK surgery

लेसिक सर्जरी (LASIK surgery) के प्रकार तथा उसकी प्रक्रिया को विस्तार से समझे

    March 10, 2023 7642 Views

LASIK surgery: जानिए लेसिक सर्जरी के बारे में 

दूरदर्शिता, निकट दृष्टि दोष, एस्टिग्मेटिज्म और प्रेसबायोपिया यानि ज़्यादा दूर की दृष्टि का कमज़ोर होना आम तोर पर आँखों की समस्याएं हैं।  इन समस्याओं को ठीक करने के लिए रिफ्रैक्टिव सर्जरी को किया जाता हैं। इस सर्जरी की वजह से हमारी कांटेक्ट लेंस और चश्मे के ऊपर निर्भरता कम होती है।  आज के समय में बहुत अधिक तरीके है आँखों की सर्जरी करने के लिए लेकिन उनमे से सबसे अधिक लसिक सर्जरी प्रसिद्ध है।  

लेसिक सर्जरी एक ऐसी सर्जरी है जिसमे आँखों से जुडी किसी भी तरह की समस्या जैसी की दूर या पास की दृष्टि में समाया होना, और फिर चश्मे या फिर कांटेक्ट लेंस का प्रयोग करना, जैसी हर समस्या का इलाज किया जाता है।  यह सर्जरी सिर्फ उन लोगो के लिए की जाती है जिनको चश्मा या लेंस लगाना बिलकुल नहीं पसंद।  जिनकी नज़र अधिक कमज़ोर होती है यह सर्जरी उनके लिए नहीं यही।  

लेसिक सर्जरी के प्रकार

यदि आप एक अच्छे लेसिक उम्मीदवार हैं तो आपके डॉक्टर सर्वश्रेष्ठ सर्जिकल विकल्प की सलाह देंगे;

  • लेसिक – एक ऐसी सर्जरी जोकि सबसे अधिक प्रसिद्ध है।  इसमें सर्जिकल पट्टी के दवारा एक हिंगड़ फ्लैप बनाई जाती है।  फिर डॉक्टर लेज़र के द्वारा पतली परत को निकलते है।    
  • इंट्रा लसिक – इस प्रकिय्रा में चिकित्सक ब्लेड का नहीं बल्कि लेज़र का इस्तमाल करते है कॉर्निया की आकृति बदलने के लिए।    
  • वेवफ्रंट लसिक– यह एक सबसे आधुनिक तथा विकसित प्रक्रिया है।  इस प्रक्रिया के दौरान, 3/3 आयाम स्कैन द्वारा कॉर्निया का नक्शा तैयार किया जाता है।  यह प्रक्रिया बहुत सटीक है, और इस प्रक्रिया के बाद 20/20 दृष्टि प्राप्त करने की संभावना में सुधार होता है।

लेसिक की प्रक्रिया 

लेसिक एक दर्द रहित प्रक्रिया है इसलिए अन्य नेत्र सर्जरी की तुलना में अधिक आरामदायक है। यहाँ लेसिक सर्जरी का विस्तार से विवरण किया गया है; 

लेसिक सर्जरी के पहले 

लेसिक सर्जरी के पहले आपकी अच्छी तरह से जाँच की जाएगी की यदि आप सर्जरी करवाने के लिए स्वस्थ हो या नहीं और आपकी आँखें सर्जरी करवाने के किये स्वस्थ है या नहीं। आपके डॉक्टर निम्नलिखित बातों का मूल्यांकन करेंगे; 

  • पुतली का आकार
  • कॉर्निया का आकार
  • आंख के कॉर्निया की मोटाई
  • आँखों की समस्याएं  
  • आँखों में नमी
  • कोई अन्य आंख की स्थिति

आपको कुछ समय के लिए कांटेक्ट लेन्सेस का प्रयोग निहित कर देना है।  इसके बाद आपको आपके डॉक्टर सर्जरी में क्या करना है और क्या नहीं वह समझायेंगे।

लेसिक प्रक्रिया के दौरान

आपको किसी भी तरह की परेशानी से दूर रखने के लिए लोकल एनेस्थीसिया दिया जायेगा।  एक बार जब आपकी आंखें सुन्न हो जाएंगी, तब आपकी आंखें लेजर के नीचे सटीक रूप से स्थित किया जायेगा और इस समय आपकी आँखों को खुला रखा जायेगा 

लेसिक सर्जरी के बाद 

लेसिक सर्जरी के बाद आपके डॉक्टर द्वारा आपको आराम करने का निर्देश दिया जायेगा।  इस समय आँखों में हलकी हलकी जलन, आँखों पर दबाव महसूस होना तथा खुजली की अनुभूति होना आम बात है। इसके बाद आपकी आखों का अच्छे से परिक्षण किया जायेगा। आपकी आँखें कुछ समय के किये सुख जाएगी तथा आपको साफ़ नहीं दिखेगा।  सूखापन और जलन से निजात पाने के लिए आपके डॉक्टर आपको आँखों में डालने की दवाई देंगे।  

विश्वसनीय सलाह 

यदि आप भी आखों पर चश्मा या लेंस पहनने से परेशान है तो आप मित्रा आयी हॉस्पिटल तथा लेसिक लेज़र सेंटर से अपनी लेसिक सर्जरी करवा सकते है वह भी किफायती दामों पर।  


Posts pagination

← Newer Posts 1 … 4 5Older Posts →
telephone-1
telephone-1
Footer Logo
  • Phone: 01824-356072 , TPA: 01824-357551
  • Reception: 98888-18840 , Appointment: 95011-16997
  • mitraeyehospital@gmail.com
  • Patel Nagar, Hargobind Nagar, Phagwara, Punjab 144401
  • Total Site Visits: 321411

Our Services

  • Blade Free Cataract Surgery (मोतियाबिंद का इलाज)
  • Lasik Surgery
  • Vitreoretinal Surgery
  • Glaucoma Management
  • Oculoplastic Surgery
  • Squint Management

Quick Link

  • About Us
  • Blog
  • Videos
  • FAQ’s
  • Gallery
  • Medical Tourism
  • Contact Us
  • Book An Appointment
Locations
  • Best Eye Hospital in Jalandhar
  • Best Eye Hospital in Srinagar
  • Best Eye Hospital in Ludhiana
  • Best Eye Hospital Near Shankot
  • Best Eye Hospital Near Malsian
  • Best Eye Hospital Near Nawanshahr
  • Best Eye Hospital Near Noormehal
  • Best Eye Hospital Near Nakodar

Opening Hours

  • Monday: 10am to 6pm
  • Tuesday: 10am to 6pm
  • Wednesday: 10am to 6pm
  • Thursday: 10am to 6pm
  • Friday: 10am to 6pm
  • Saturday: 10am to 6pm
  • Sunday:Closed

Subscribe Our Newsletters & Stay Update

Check your inbox or spam folder to confirm your subscription.

©2021 All rights reserved by Mitra Eye Hospital Designed & Developed By Flymedia Technology
Cashless Treatment
Tie-up with LPU