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पलक को बिना झपकाए स्क्रीन को लगातार देखते रहने से आंखों को कौन कौन से नुकसान हो सकते हैं? डॉक्टर से जाने इसके बारे में!

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Category: Hindi

Eye inflammation and redness due to allergies, eye burns, or infections. Learn 5 effective solutions for eye problems at Mitra Eye Hospital.
Eye with red, irritated eye showing signs of allergies or infection, highlighting eye care solutions available at Mitra Eye Hospital.
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पलक को बिना झपकाए स्क्रीन को लगातार देखते रहने से आंखों को कौन कौन से नुकसान हो सकते हैं? डॉक्टर से जाने इसके बारे में!

    April 6, 2026 105 Views

आँखें हमारी जिंदगी का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है। एक आसान जिंदगी जीने के लिए इन को सेहतमंद रखना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। आँखें हमको देखने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करती हैं। आम तौर पर, इस में होने वाली समस्या हमारी जिंदगी को बुरी तरीके से प्रभावित कर सकती है। दरअसल, आंखों की पलकों को झपकना आंखों की सेहत को बनाए रखने का एक सबसे आसान और एक बहुत ही ज्यादा जरूरी नेचुरल प्रोसेस में से एक माना जाता है। दरअसल, जब आप हर बार अपनी आंखों की पलकों को झपकाते हैं, तो इस दौरान आपकी पलकें आंखों की सतह पर आंसुओं की एक पतली परत को फैलाती हैं, जिसकी सहायता से आँखें नम, साफ और आरामदायक महसूस करती हैं। आम तौर पर, इसी के चलते, जब आप डिजिटल स्क्रीन को चाहे वो आपका फोन हो, कंप्यूटर हो या फिर टीवी हो उसे लगातार देखते या फिर उसको एक टक घूरते ही रहते हैं, तो इसकी वजह से आपकी आंखों को काफी ज्यादा नुकसान झेलना पड़ता है। इसके कारण पलक झपकने की दर काफी ज्यादा कम हो जाती है। स्क्रीन को देखते हुए आंखों को कम झपकने की यह गन्दी आदत आंखों में कई तरह की समस्याओं को पैदा कर सकती है, जिस में ड्राइनेस, जलन, रेडनेस और आंखों में किरकिरा पन महसूस होना शामिल हो सकता है। यहां डॉक्टर का मानना है, कि यह आदत डिजिटल आई स्ट्रेन या फिर कंप्यूटर विज़न सिंड्रोम के मुख्य कारणों में से एक है। आम तौर पर, यह एक इस तरह की स्थिति है, जो किसी भी उम्र के लोगों को बुरी तरीके से प्रभावित कर सकती है। दरअसल, पालक को झपकाए बगैर और लगातार स्क्रीन को देखते रहने की वजह से आपकी आंखों को कई तरह के नुकसानों का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें आँखों का सुख जाना, डिजिटल आई स्ट्रेन होना, नजर का धुंधला हो जाना, सिर और गर्दन में दर्द होना और मैकुलर डिजनरेशन होना जैसे कई नुकसान शामिल हो सकते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। 

आंख का आंसू सिर्फ पानी ही नहीं होता है!

आम तौर पर, हम में से बहुत से लोगों को यही लगता है, कि आंखों में आने वाला आँसू सिर्फ एक पानी होता है, पर ऐसा बिल्कुल भी नहीं है, हम में से ज्यादातर लोगों को इस बात का एहसास ही नहीं है, कि आंखों में से निकलने वाला आँसू केवल पानी ही नहीं होता है, बल्कि यह तेल, बलगम और पानी का एक बहुत ही नाजुक मिश्रण होता है, जो हमारी आंखों को कई तरह की चीजों से बचाने का काम करता है, जिसमें धूल, एलर्जी और इन्फेक्शन जैसी चीजों से बचाना शामिल होता है। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि जब पलक झपकने की बारंबारता काफी ज्यादा कम हो जाती है, तो इस दौरान आंसुओं की परत एक जैसी नहीं रहती, जिसकी वजह से आंखों में जलन और आंखों में सूखापन जैसी समस्या हो जाती है। 

लगातार स्क्रीन देखने से आंखों को होने वाले नुकसान

दरअसल, जो लोग बिना थके और बिना रुके किसी भी डिजिटल स्क्रीन को लगातार देखते रहते हैं, उन्हें आंखों में कई तरह के नुकसानों का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें से कुछ निम्नलिखत अनुसार हो सकते हैं, जैसे कि 

  • आंखों में थकान होना 

दरअसल, लगातार एक ही नज़र और बिना पलक झपकाएं स्क्रीन को देखते रहना आंखों की थकान को काफी ज्यादा बढ़ा देता है। इससे आपको अपनी आंखों में काफी दर्द महसूस हो सकता है और कुछ भी देखने में काफी ज्यादा परेशानी हो सकती है। आंखों की इस थकान से बचने के लिए अपने स्क्रीन टाइम को कम करना और बीच बीच में ब्रेक लेना आंखों की सेहत के लिए काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। 

  • आंखों में सूखापन आना 

जो लोग बिना पालक को झपकाए लगातार स्क्रीन को देखते रहते हैं, दरअसल उनकी आंखों में काफी ज्यादा सूखापन आ जाता है। इस तरह की स्थिति के कारण आंखों की नमी काफी ज्यादा कम हो जाती है, जिसकी वजह से आंखों में जलन और खुजली जैसी समस्या होने लग जाती है।

  • धुंधला दिखाई देना 

आपको बता दें, कि आपकी आंखें जितना वक्त स्क्रीन के पास काम करती हैं, उसकी वजह से आँखें काफी ज्यादा थक जाती हैं, जिस से पास और दूर की चीजें देखने में काफी ज्यादा परेशानी महसूस होती है। आम तौर पर, इसकी वजह से गर्दन और कंधों में भी काफी ज्यादा दर्द महसूस हो सकता है। 

  • आंखों में ड्राइनेस होना 

आम तौर पर, काफी लंबे वक्त तक और लगातार एक टक से स्क्रीन को देखते रहने की वजह से आंखों में ड्राइनेस की समस्या हो सकती है। दरअसल, इसकी वजह से कॉर्न‍िया की सतह में काफी ज्यादा सूजन हो जाती है और आंखों में इंफेक्शन का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है। 

  • 20-20-20 रूल फॉलो करें

आंखों से जुड़ी किसी भी तरह की समस्याओं से बचने के लिए आप 20-20-20 नियम का पालन कर सकते हैं। इसमें स्क्रीन पर काम करते वक्त हर 20 मिनट में, कम से कम 20 सेकंड तक के लिए ब्रेक लें और अपने से 20 फीट की दुरी पर रखी किसी भी चीज को देखें। दरअसल, अपनी आंखों को सेहतमंद रखने के लिए आप पलकों को झपकाते रहें और सही रोशनी में बैठकर काम करें। 

निष्कर्ष: इस ड‍िज‍िटल युग में कोई भी स्क्रीन को देखने से अपने आप को नहीं रोक सकता है। क्योंकि आज यह सभी की जरूरत बन चुका है। पर आंखों को सुरक्षित रखने के लिए हम कुछ सेहतमंद आदतों को अपना सकते हैं। इससे आँखें लंबे समय तक बीमारियों से बची रह सकती हैं। इसके बारे में ज्यादा जानने के लिए और आंखों से जुड़ी किसी भी समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही मित्रा आई हॉस्पिटल एंड लेसिक लेज़र सेंटर में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।


Eye strain relief and vision correction at Mitra Eye Hospital, NABH accredited eye care center.
Tips to reduce eye strain and maintain healthy eyesight with expert consultation.
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बदलते मौसम के कारण आंखों में कौन-कौन सी समस्याएं हो सकती हैं? डॉक्टर से जानें इसके बारे में!

    April 1, 2026 103 Views

दरअसल, मौसम में होने वाला तेजी से बदलाव लोगों को काफी ज्यादा हैरान और परेशान कर देता है, क्योकि बदलते मौसम में लोगों को न केवल शरीर से बल्कि आंखों से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में, कुछ दिन लगातार बारिश होती है, जिसकी वजह से पुरे दिन शरीर में चिपचिपाहट जैसी समस्या महसूस होने लग जाती है। इसी तरह इसके बाद कुछ दिन लगातार खूब धूप निकलती और सब कुछ सूखा सा हो जाता है और तेज हवा चलने के कारण धूल-मिट्टी उड़ने लग जाती है, जिससे आंखों को काफी ज्यादा नुक्सान पहुँचता है। इसकी वजह से एक व्यक्ति की जीवनशैली काफी ज्यादा प्रभावित हो जाती है। इस दौरान हवा में उड़ने वाली धूल मिट्टी और वायु प्रदूषण की वजह से लोगों के रोजमर्रा के जीवन में काफी ज्यादा रुकावटें पैदा हो जाती हैं, जिसकी वजह से लोगों को काफी ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। बदलते मौसम में लोगों को काफी ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती है, इसमें किइस भी तरह का कोई शक नहीं है। इसके कारण न केवल सेहत से जुड़ी कई तरह की समस्याएं हो जाती हैं, बल्कि यह आंखों की सेहत के लिए भी काफी ज्यादा खतरनाक साबित होती है। ज्यादातर गर्मियों के मौसम में आँखें काफी ज्यादा प्रभावित हो जाती हैं, जिसमें आंखों में पड़ने वाली धूल मिट्टी आंखों को काफी ज्यादा गहराई से नुकसान पहुंचाती है। इसलिए, इस तरह के मौसम में आंखों की महत्वपूर्ण देखभाल करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। 

डॉक्टर के अनुसार वैसे तो, मौसम बदलते ही लोगों आंखों से जुड़ी तरह- तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है, पर कुछ विशेष समस्याएं जो मौसम बदलते ही लोगों की आंखों में नज़र आने लग जाती हैं, जिसमें आंखों में सूखापन नज़र आना, आंखों में एलर्जी की समस्या होना, कंजक्टिवाइटिस होना, केराटाइटिस होना और आंखों में चोट लगना आदि जैसी समस्याएं शामिल हो सकती हैं। वक्त रहते इन समस्याओं पर ध्यान देना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। इन समस्याओं को नज़रअंदाज करने की बजाए आपको तुरंत अपने डॉक्टट से संपर्क करना चाहिए। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।

बदलते मौसम के कारण आंखों में होने वाली समस्याएं!

दरअसल, बदलते मौसम में कारण आंखों में होने वाली समस्याएं निम्नलिखित अनुसार हो सकती हैं, जैसे कि 

  1. आंखों में सूखापन होना 

दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि विशेष तौर पर जो लोग नियमित रूप से कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं या फिर जो लोग पहले से ही आंखों में सूखापन की समस्या से परेशान होते हैं, उन लोगों में ज्यादातर आंखों में सूखापन की समस्या देखी जा सकती है। तेज हवा और धूल के संपर्क में आने से भी लोग आंखों में सूखापन की समस्या का शिकार हो सकते हैं। नियमित कांटेक्ट लेंस पहनने वाले और पहले से इस समस्या से शिकार लोगों को अपनी आंखों में अचानक से पानी आना, जलन की समस्या होना, लालिमा होना या फिर आंखों में कुछ गिर गया है ऐसा महसूस होना जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। कई बार आंखों में होने वाली जलन गंभीर होने पर आंखों को खोलना काफी ज्यादा मुश्किल हो जाता है। 

  1. आंखों में एलर्जी की समस्या होना 

मौसम बदलते ही आंखों में एलर्जी जैसी समस्या न हो ऐसा हो ही नहीं सकता है। इस तरह की स्थिति में आंखों में एलर्जी होना काफी ज्यादा आम होता है। क्योंकि, धूल भरी आंधी में मौजूद बारीक कण, मोटे कणों में पौधों का मलबा और कंस्ट्रक्शन साइट से निकलने वाली धूल शामिल होती है, जो आंखों को बुरी तरीके से प्रभावित कर देती है। दरअसल, इन तत्वों की वजह से आंखों में न केवल एलर्जी जैसी समस्या होती है, बल्कि इसकी वजह से आंखों में खुजली, लालिमा और चिपचिपा पानी आना जैसी समस्या भी काफी ज्यादा परेशान कर सकती है। हम में से ज्यादातर लोग इस समस्या को खुजली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। दरअसल, लंबे वक्त तक आंखों में होने वाली एलर्जी केवल खुजली और जलन की समस्या नहीं होती है. बल्कि इससे आंखों को गंभीर नुकसान भी पहुंच सकता है। इसलिए इस समस्या पर ध्यान देना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। 

  1. कंजक्टिवाइटिस होना 

दरअसल, हवा के साथ उड़ने वाली धूल भी आंखों में इंफेक्शन, जैसे कंजंक्टिवाइटिस का एक बहुत बड़ा कारण होती है, जो आंखों को बुरी तरीके से प्रभावित करके रख देती है। इस तरह की इन्फेक्शन होने पर आंखों में जलन, पानी निकलना, लालिमा आना और पलकों में सूजन होना जैसी समस्याएं शामिल होती हैं, जो आंखों पर बुरा असर डालती हैं। यह अक्सर बैक्टीरिया के माध्यम से होने वाली एक इन्फेक्शन की बीमारी है, जिसके लिए डॉक्टर से संपर्क करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। ताकि वक्त रहते समस्या की जांच करके उसकी देखभाल की जा सके। 

निष्कर्ष: वैसे तो सेहतमंद जीवन जीने के लिए आंखों का सेहतमंद होना भी काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। बदलते मौसम के कारण लोगों को आंखों से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का सामान करना पड़ता है, इसमें किसी भी तरह का कोई शक नहीं है। गर्मियों के मौसम में आँखें काफी ज्यादा प्रभावित हो जाती हैं, इसलिए आंखों की देखभाल करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। आंखों में सूखापन नज़र आना, आंखों में एलर्जी की समस्या होना, कंजक्टिवाइटिस होना, केराटाइटिस होना और आंखों में चोट लगना जैसी समस्यायों का सामना लोगों को बदलते मौसम में करना पड़ सकता है। कई लोग इन समस्याओं को आम समझ कर नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर काफी ज्यादा गंभीर समस्याओं में बदल जाती हैं। इसलिए, वक्त पर आंखों से जुड़ी समस्याओं का इलाज होना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और आंखों से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही मित्रा आई हॉस्पिटल एंड लेसिक लेज़र सेंटर में जाकर इस के विशेषज्ञों से इन समस्याओं के इलाज के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।


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Stressed man wearing glasses, experiencing eye strain or discomfort, visiting Mitra Eye Hospital for expert eye care and treatment.
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क्या डॉक्टर से बिना पूछे आंखों में ड्रॉप को डाला जा सकता है? डॉक्टर से जानिए इसके बारे में

    February 27, 2026 971 Views

दरअसल, आंखें भगवान की तरफ से दिया हुआ एक अनमोल तोहफा हैं, जिन का ध्यान रखना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। आम तौर पर, आंखें हमारे शरीर के सबसे नाजुक अंगों में से एक हैं, जिन की सेहत के लिए कई तरह की छोटी-छोटी चीजों का ध्यान रखना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है। आंखें शरीर के लिए सबसे महत्वपूर्ण और एक नाजुक अंग होने के नाते इनकी ख़ास देखभाल करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि बदलते मौसम की वजह से आंखों की सेहत बुरी तरीके से प्रभावित हो जाती है। ख़ास तौर पर, गर्मियों के मौसम में आंखों का ध्यान रखना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है, क्योंकि तेज धूप, काफी ज्यादा गर्मी, धूल मिट्टी और बहुत से ऐसे कारणों की वजह से आंखों से जुडी कई तरह की समस्याएं हो जाती हैं, जो आंखों को काफी ज्यादा नुकसान पहुँचती हैं। जिन के लिए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना महत्वपूर्ण हो जाता है। 

आम तौर पर, आजकल यह काफी ज्यादा देखने को मिल सकता है, कि बहुत से लोग आंखों में थोड़ी सी समस्या जैसे आंखों में जलन, सूखापन या फिर लालिमा होने पर बिना डॉक्टर से पूछे घर में पड़ी किसी भी आई ड्राप का इस्तेमाल खुद ही कर लेते हैं। पर, आपने कभी इसके बारे में सोचा है, कि क्या यह समस्या से छुटकारा पाने का एक सही तरीका हो सकता है? दरअसल, इस पर डॉक्टर का कहना है, कि बिना डॉक्टर की सलाह लिए आंखों में आई ड्राप डालना आंखों के लिए काफी ज्यादा हानिकारक साबित हो सकता है। हर समस्या के लिए अलग-अलग आई ड्रॉप का निर्माण किया जाता है और समस्या की सही पहचान किये बिना किसी भी आई ड्राप का इस्तेमाल करना आंखों में एलर्जी, संक्रमण या फिर दूसरी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। इसलिए, जानकारी के लिए आपको बता दें, कि आंखों में किसी भी तरह की समस्या होने पर आपको आई ड्रॉप का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बहुत ज्यादा जरूरी होता है। क्योंकि ऐसा न करने पर आंखों को भारी नुक्सान झेलना पड़ सकता है। आइये इस लेख के माध्यम से इस के बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

स्टेरॉयड वाले आई ड्रॉप से सावधान रहना जरूरी 

दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि ऐसे बहुत से आई ड्रॉप्स होते हैं, जिन में स्टेरॉयड काफी मात्रा में पाया जाता है। इन आई ड्रॉप का इस्तेमाल करने पर आपको कुछ समय तक के लिए आराम तो मिल सकता है, पर डॉक्टर की सलाह लिए बिना, काफी लंबे समय तक के लिए इन का इस्तेमाल मोतियाबिंद ग्लूकोमा जैसी बीमारियों का कारण बन सकता है। इसके अलावा, कुछ एंटीबायोटिक ड्रॉप बैक्टीरियल इन्फेक्शन जैसी समस्याओं के लिए होते हैं। पर, अगर आप इन्फेक्शन वायरल या गिर फंगल जैसी समस्या के शिकार हैं, तो इस तरह की स्थिति में इन ड्रॉप का गलत इस्तेमाल आंखों की हालत को और भी ज्यादा खराब कर सकता है। इस लिए, आंखों से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या होने पर, किसी भी तरह का आई ड्राप का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से संपर्क करना काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। 

कॉन्टेक्ट लेंस पहनने वाले आई ड्रॉप से रहें सावधान

दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि जो लोग विशेष तौर पर अपनी आंखों में कॉन्टेक्ट लेंस पहनते हैं, दरअसल उन को अपनी आंखों में किसी भी तरह के ड्रॉप्स का इस्तेमाल करने से पहले विशेष सावधानी को बरतना चाहिए। वहीं सभी आई ड्रॉप्स आंखों में लेंस पहनने के बाद इस्तेमाल करने के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं होती हैं और अगर आंखों में गलत ड्रॉप का इस्तेमाल करने पर दवा लेंस पर जम जाए, तो इस की वजह से आंखों में जलन और इन्फेक्शन जैसी समस्याओं का खतरा काफी ज्यादा बढ़ सकता है। इसलिए, इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है। 

निष्कर्ष: दरअसल, आंखें हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होने के साथ- साथ शरीर का एक नाजुक अंग भी होती हैं, जिनकी सावधानी से देखभाल करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। तेज धूप, काफी ज्यादा गर्मी, धूल मिट्टी और बहुत से ऐसे कारणों की वजह से आंखों में किसी भी तरह की समस्या हो जाने पर हमको बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आंखों में जलन, सूखापन या फिर लालिमा जैसी समस्या से छुटकारा पाने के लिए डॉक्टर की सलाह के बिना ही घर में पड़ी किसी भी आई ड्रॉप को अपनी आंखों में डालना आखों के लिए काफी ज्यादा हानिकारक साबित हो हो सकता है। समस्या की पहचान किये बिना किसी भी आई ड्राप का इस्तेमाल करना आंखों में एलर्जी, संक्रमण या फिर दूसरी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। इसलिए, आंखों की समस्या होने पर किसी भी ड्रॉप का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से संपर्क करना आंखों की सेहत के लिए जरूरी होता है। स्टेरॉयड वाले आई ड्रॉप और कॉन्टेक्ट लेंस पहनने वाले लोग किसी भी आई का इस्तेमाल करने से पहले सावधानी जरूर बरतें। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और आंखों से जुड़ी किसी भी तरह की गंभीर से आम समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही मित्रा आई हॉस्पिटल एंड लेसिक लेज़र सेंटर में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इस के इलाज के बारे में इस के विशेषज्ञों से महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।


5 Ways for Seniors to Avoid Developing Cataracts
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क्या मोतियाबिंद की सर्जरी के बाद की गई ये गलतियां पहुंचा सकती हैं आपकी आँखों को भारी नुकसान? डॉक्टर से जानें इसके बारे में!

    February 20, 2026 974 Views

दरअसल, इस बात को तो सभी जानते ही हैं, कि मोतियाबिंद आँख से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है, जो बड़ी उम्र के लोगों को काफी ज्यादा प्रभावित करती है। आम तौर पर, इस तरह की समस्या के दौरान आंखों के लेंस में काफी ज्यादा धुंधलापन आ जाता है, जिसकी वजह से आंखों की नजर काफी ज्यादा कमजोर होने लग जाती है। दरअसल, इस तरह की समस्या लोगों को न केवल उम्र बढ़ने के साथ होती है, बल्कि चोट, शुगर या फिर आनुवंशिक कारणों की वजह से भी हो सकती है। हालांकि, आपको इसके बारे में बता दें, कि मोतियाबिंद जैसी समस्या का इलाज सर्जरी के माध्यम से किया जाता है, जो कि एक आम और एक सुरक्षित प्रक्रिया होती है। पर, मोतियाबिंद जैसी समस्या की सर्जरी के बाद अच्छे तरीके से अपनी देखभाल करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। ताकि सर्जरी के बाद मिलने वाले परिणाम बिल्कुल ठीक रहें और साथ में आंखों की सेहत भी बनी रहे। इसके अलावा, डॉक्टर द्वारा दी गई सलाह का नियमित रूप से पालन करना सर्जरी के बाद की देखभाल में काफी ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका को निभाता है। असल में, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि मोतियाबिंद जैसी समस्या का उपचार करने के लिए सर्जरी काफी ज्यादा प्रभावी तरीके से काम करती है, पर अक्सर देखा जाता है, कि सर्जरी के बाद कुछ लोग इस दौरान काफी गलतियां कर बैठते हैं, जिसमें आंखों में नियमित रूप से आई ड्रॉप्स को न डालना, आंखों को बिना वजह रगड़ते रहना, आंखों की सुरक्षा किये बिना ही सो जाना, भारी वजन को उठाना और साथ में डॉक्टर से नियमित रूप से न मिलना शामिल होता है। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि सर्जरी के बाद लगातार इस तरह की गलतियां करते रहना नज़र में देरी और आंखों से जुड़ी दूसरी समस्यायों के जोखिम को पैदा कर सकता है। इसकी वजह से आंखों की स्थिति काफी ज्यादा खराब हो जाती है। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

इस दौरान क्या करना चाहिए?

  • दरअसल, सर्जरी के बाद अपनी आंखों को अच्छे तरीके से साफ़ रखना बहुत ही ज्यूडा माहजयावपूर्ण होता है। इस तरह की स्थिति के दौरान आप अपनी आंखों को हल्के गीले कपड़े साफ़ या फिर धो सकते हैं। पर, इस तरह की स्थिति के दौरान ध्यान रखने की अपनी आंखों को ज्यादा पानी के संपर्क से दूर रखें। इससे आपको काफी ज्यादा फायदा प्राप्त हो सकता है। 
  • दरअसल, इस तरह की स्थिति के दौरान आपको डॉक्टर द्वारा दी गई प्रिस्क्राइब आंखों की दवाइयां जैसे एंटीबायोटिक या फिर सूजन कम करने वाली दवाओं को नियमित रूप से लेना काफी ज्यादा जरूरी होता है। आम तौर पर, इन की मदद से संक्रमण और सूजन जैसी समस्याओं से भी बचाव किया जा सकता है। इन दवाओं का समय पर सेवन करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। 
  • आम तौर पर, सर्जरी के बाद आपको अपनी आंखों को सूरज की तेज रोशनी से बचा कर रखना चाहिए। क्योंकि, इससे आंखों को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है। दरअसल, इस तरह की स्थिति होने पर आपको कहीं पर भी बाहर जाते वक्त अपनी आंखों पर धूप का चश्मा जरूर पहनना चाहिए। ताकि सर्जरी के बाद आपकी आँखें सुरक्षित और किसी भी तरह के नुकसान से दूर रहें। 
  • दरअसल, सर्जरी के बाद सभी को चाहिए कि वह अपनी आंखों को ज्यादा मेहनत से बचा कर रखें, क्योंकि इस से आंखों को काफी ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ सकती है। इस दौरान, ज्यादा स्क्रीन देखने से बचें, किताबों को पड़ने और दूसरी गतिविधयों को भी करने से परहेज करें। इस से आंखों पर काफी ज्यादा दबाव पड़ सकता है। 
  • अगर इस दौरान आपको अपनी आंखों में किसी भी तरह का कोई भी सूखापन महसूस होता है, तो आप नकली या फिर बनावटी आँसुओं का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसकी मदद से आपकी आंखें हाइड्रेट और काफी ज्यादा आराम महसूस करती हैं। 

इस दौरान क्या नहीं करना चाहिए?

  • सर्जरी के बाद ज्यादातर आंखों को रगड़ने से न केवल आंखों में संक्रमण का खतरा बढ़ता है, बल्कि इससे आंखों की हालत भी काफी ज्यादा खराब हो जाती है। इसलिए, इस दौरान अपनी आंखों को रगड़ने से बचना महत्वपूर्ण होता है। 
  • इस दौरान आपको भारी व्यायाम या फिर किसी भी तरह की शारीरिक गतिविधि को करने से बचना चाहिए। क्योंकि, ज्यादा मेहनत करने से रक्तचाप बढ़ता है और साथ में आंखों पर भी काफी ज्यादा दबाव पड़ सकता है। 
  • इस तरह की स्थिति में, कुछ दिनों तक स्विमिंग या फिर पानी में नहाने से बचना चाहिए। क्योंकि, पानी में बैक्टीरिया मौजूद हो सकते हैं, जो आंखों को काफी ज्यादा नुकसान पहुंचाने के साथ -साथ आंखों में संक्रमण का कारण भी बन सकता है। 
  • इसके साथ ही, सर्जरी के बाद आपको नियमित अपने डॉक्टर से अपना चेकअप करवाते रहना चाहिए, ताकि सर्जरी के बाद मिलने वाले परिणामों पर कड़ी नज़र रखी जा सके। 

निष्कर्ष: मोतियाबिंद सर्जरी के बाद अपनी आंखों की सही देखभाल करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि सर्जरी के बाद की गई कुछ गलतियां आपकी आंखों को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं, जैसा कि आपको इस लेख में बताया गया है। इस दौरान आंखों की सर्जरी होने के बाद अपनी आंखों को अच्छे से आराम प्रदान करने और डॉक्टर द्वारा दी गई सलाह का पालन करने से आंखों की होने वाली रिकवरी अच्छे से पूरा किया जा सकता है। इसके बारे में, ज्यादा जानने के लिए और आंखों से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही मित्रा आई हॉस्पिटल एंड लेसिक लेज़र सेंटर में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके इलाज के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।


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क्या प्रकिर्तिक तरीके से आंखों की रौशनी बढ़ाने के लिए डाइट में इन फूड्स को शामिल किया जा सकता है? डॉक्टर से जाने इसके बारे में!

    February 14, 2026 1015 Views

यह सभी जानते हैं, कि आंखें हमारे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में एक है, जो आम तौर पर, दिमाग को हमारे आसपास कहीं पर भी होने वाली गतिविधियों को तस्वीरों के माध्यम से याद रखने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करती है। दरअसल, जब हमारे शरीर के सम्पूर्ण स्वास्थ्य की बात आती है, तो इस तरह की स्थिति में आंखों की सेहत को नज़रअंदाज करना ठीक नहीं हो सकता है। क्योंकि, यह हम सभी जानते हैं, कि अगर हमारी आंखों की सेहत ही ठीक नहीं रहेगी, तो हम केवल इस सुंदर दुनिया की कल्पना ही कर सकते हैं, इस को जी भर के देखा नहीं जा सकता है। हालांकि, आँख हमारे शरीर का एक बहुत ही नाजुक हिस्सा होती है, जिन पर प्रेशर भी सबसे ज्यादा होता है। इसमें, दिनभर दिन टीवी देखने की आदत, 24 घंटे मोबाइल फ़ोन में लगे रहने की आदत, दिन भर कंप्यूटर या फिर लैपटॉप पर काम करने की आदत शामिल हो सकती है। जिसकी वजह से आंखों पर काफी ज्यादा दबाव पड़ता है और आँखें कमजोर होने लग जाती हैं। इसके अलावा, बाहर कहीं पर भी घूमते वक्त आंखों में धूल -मिट्टी के कण चले जाने पर भी आंखों में काफी ज्यादा दिक्कत महसूस हो सकती है। हमारी आँखें नाजुक होने के कारण किसी भी छोटी चीज से बहुत जल्दी प्रभावित हो जाती हैं। जिसके कारण आंखों की रोशनी कमजोर होना एक आम बात हो सकती है। इसलिए, आंखों की देखभाल करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि एक व्यक्ति की आंखों की रौशनी कम होने पर कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें न केवल एक व्यक्ति को देखने में समस्या महसूस होती है, बल्कि सिर में दर्द होना जैसी समस्या भी शामिल हो सकती है। आंखों की इस समस्या से अपना बचाव करने के लिए कई प्राकृतिक फूड्स को अपनी डाइट में शामिल किया जा सकता है। जिसमें गजरा, खट्टे फल, पोषक तत्वों से भरपूर नट्स और सीड्स, शकरकंद और हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल हो सकती हैं। दरअसल, यह फूड्स आपकी आंखों की रौशनी को बढ़ाने में आपकी काफी ज्यादा सहायता कर सकते हैं। यह फूड्स न केवल शारीरिक सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं, बल्कि यह प्राकृतिक तरीके से आंखों की रौशनी को बढ़ाने में भी काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।

आंखों की रौशनी को बढ़ाने के लिए डाइट में कौन से फूड्स को शामिल करना चाहिए? 

आम तौर पर, आंखों कि रौशनी को बढ़ाने के लिए आप निम्नलिखत फ़ूडस को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं, जैसे कि 

  1. पोषक तत्वों से भरपूर नट्स 

दरअसल, नट्स सेहत के साथ- साथ आंखों की रौशनी के लिए भी काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं। आम तौर पर, नट्स में ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन ई जैसे कई तरह के पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो न केवल आंखों की रौशनी को बढ़ाने का काम करते हैं, बल्कि आंखों को होने वाले किसी भी तरह के नुक्सान से बचाने में भी आपकी काफी ज्यादा सहयता करते हैं। इसलिए, आप अपनी रोजाना की डाइट में मूंगफली, काजू, बादाम और दाल जैसे कई तरह के नट्स को शामिल कर सकते हैं। यह आंखों को हेल्दी बनाए रखने के लिए काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं। 

  1. गाजर 

गाजर में कई तरह के गुण मौजूद होते हैं, जो सेहत के साथ आंखों के लिए भी काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होती है। गाजर बीटा-कैरोटीन से भरपूर होती है, जिसको अपनी डाइट में सलाद और किसी भी जूस के रूप में शामिल किया जा सकता है। गाजर हमारे शरीर में विटामिन ए का काम करती है, जो आंखों की सेहत के लिए काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होती है।

  1. खट्टे फल

दरअसल, संतरा, नींबू, कीनू, आड़ू, टमाटर और स्ट्रॉबेरी जैसे खट्टे फलों में विटामिन सी से भरपूर होते हैं, जो आंखों को फ्री-रेडिकल डैमेज से बचाने का काम करते हैं। इसके अलावा, यह आंखों को मोतियाबिंद जैसी बीमारी से भी बचाने में काफी मदद करते हैं। 

  1. पत्तेदार सब्जियां

पालक, फूलगोभी, ब्रोकोली और सलाद जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां आंखों की सेहत के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित होती हैं। इन सब्जियों में ल्यूटिन और ज़ेक्सैंथिन भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं, जो आंखों को तेज रोशनी प्रदान करने का काम करते हैं। 

निष्कर्ष: आँखें हमारे शरीर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा होने के साथ -साथ एक नाजुक अंग भी होती हैं, जो हमारे आसपास कहीं पर भी होने वाली गतिविधियों को तस्वीरों के माध्यम से दिमाग को याद रखने में मदद करती है। आँखें हमको दुनिया की हर सुंदर चीज देखने की शक्ति प्रदान करती हैं। इसलिए, हर वक्त आंखों की देखभाल करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। जीवन शैली में ऐसी कई गलत आदतों को अपनाने के कारण आंखों की रोशनी काफी ज्यादा कमजोर हो जाती हैं, जिसकी वजह से सिर में दर्द और किसी भी चीज को देखने में समस्या महसूस होना जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इस तरह की समस्या से हमेशा के लिए छुटकारा पाने के लिए और प्राकृतिक तरीके से अपनी आंखों की रौशनी को बढ़ाने के लिए गाजर, खट्टे फल, पोषक तत्वों से भरपूर नट्स और शकरकंद को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। यह फूड्स आंखों की सेहत के साथ -साथ आपकी आंखों की रोशनी को बनाये रखने में आपकी काफी ज्यादा सहायता कर सकते हैं। आंखों में होने वाले किसी भी तरह की समस्या के दौरान आपको सबसे पहले अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और आंखों से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही मित्रा आई हॉस्पिटल एंड लेसिक लेज़र सेंटर में जा सकते हैं और इस के विशेषज्ञों से इस के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।


Blurred vision during pregnancy, causes, and care at Mitra Eye Hospital.
EXPERT EXPLANATION OF BLURRED VISION CAUSES DURING PREGNANCY AND TREATMENT OPTIONS AT MITRA EYE HOSPITAL.
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क्या आंखों के आगे अचानक कालापन इन 4 प्रमुख कारणों की वजह से आ सकता है? डॉक्टर से जानें इसके बारे में

    January 26, 2026 3065 Views

दरअसल, आंखों से जुड़ी ऐसी बहुत सी समस्याएं होती हैं, जिनका सामना लगभग सभी लोगों को करना पड़ता है। इसी के चलते आँखों के आगे कालापन छा जाना एक आम समस्या है, जिससे आज के समय में लाखों लोग प्रभावित दिखाई दे सकते हैं। दरअसल आँखों के आगे कालापन छा जाना मुख्य रूप से बुजुर्गों की शिकायत होती है, पर यह युवाओं में भी देखने को मिल सकती है। 

आम तौर पर, यह समस्या ज्यादातर बुजुर्ग लोगों में देखने को मिल सकती है, जिनको अक्सर अपने यह कहते हुए जरूर सुना होगा, कि अब तो उनको देखने में भी बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है और आँखों के आगे एक दम से अँधेरा छा जाता है। आपकी जानकारी लिए आपको बता दें, कि इस तरह की स्थिति ज्यादातर तब उत्पन्न हो सकती है, जब वह ज्यादातर देर तक अपने सिर को झुकाकर रखते होंगे। वैसे तो, ज्यादातर लोग आंखों के आगे अचानक कालापन या फिर धुंधलापन छा जाने की समस्या को आम समझते हैं, पर बहुत बार यह एक व्यक्ति के शरीर में चल रहे गंभीर बदलावों का संकेत हो सकते हैं। जिसको नज़रअंदाज करना खतरे से खाली नहीं होता है। 

वैसे तो, आँखों के आगे कालापन छा जाने की समस्या के कई कारण हो सकते हैं, पर इसमें विशेष रूप से, ब्लड प्रेशर में अचानक गिरावट होना, शरीर में खून की कमी होना, डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन होना, ब्लड शुगर का अचानक से कम हो जाना और आंख के साथ -साथ दिमाग से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का होना जैसे कारण शामिल हो सकते हैं। दरअसल, इस पर डॉक्टर का कहना है, कि आँखों के आगे कालापन छा जाने की समस्या अगर आपको बार -बार परेशान करती हैं, तो इसे नज़रअंदाज करने की बजाए, आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में और गहराई से जानते हैं। 

  1. ब्लड प्रेशर में अचानक गिरावट होना 

आम तौर पर, जब एक व्यक्ति के शरीर में ब्लड प्रेशर में अचानक से गिरावट आती है, तो इससे दिमाग तक काफी मात्रा में खून नहीं पहुंच पाता है और थोड़े वक्त तक के लिए आँखों के आगे कालापन छा जाता है। दरअसल, इस पर डॉक्टर का कहना है, कि लो ब्लड प्रेशर या फिर पोस्टुरल हाइपोटेंशन इस तरह की समस्या का सबसे आम कारण हो सकता है। आम तौर पर, अगर इस तरह की समस्या आपको लगातार परेशान कर रही है, तो इस समस्या के समाधान के लिए आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। 

  1. डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन होना

दरअसल, गर्मी में काफी ज्यादा पसीना आने और पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन न करने की वजह से शरीर में फ्लूड और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन हो जाता है, जिसकी वजह से न केवल शरीर में ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है, बल्कि इससे आँखों के आगे कालापन छा जाता है। डॉक्टर के अनुसार, शरीर में पानी की कमी होने के कारण खून की मात्रा कम हो जाती हैं, जिसकी वजह से पीड़ित व्यक्ति के दिमाग में खून का प्रवाह काफी कम हो जाता है और थोड़े वक्त के लिए आँखों के आगे कालापन छा जाता है। दरअसल, गर्मियों में कसरत न करने पर इस तरह की समस्या होना आम बात होती है। 

  1. ब्लड शुगर का अचानक से कम होना

डायबिटीज से पीड़ित मरीजों या फिर लंबे वक्त तक कुछ भी न खाने वाले लोगों में ब्लड शुगर की अचानक कमी को देखा जा सकता है। दरअसल, इस समस्या की वजह से आंखों के आगे अंधेरा पन छा सकता है। डॉक्टर के अनुसार, हाइपोग्लाइसीमिया में शरीर को तुरंत ग्लूकोज नहीं मिल पाता है, जिसकी वजह से दिमाग और आंखों बुरी तरीके से प्रभावित हो जाती हैं। इसके मुख्य लक्षणों में, आँखों के आगे कालापन छाना, चक्कर आना, पसीना आना और हाथ-पैर कांपना शामिल होता है। इसके लिए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना महत्वपूर्ण होता है। 

  1. आंख और दिमाग से जुड़ी बीमारियां होना 

दरअसल, कुछ गंभीर डॉक्टरी स्थितियों के कारण भी एक व्यक्ति की आँखों के आगे अचानक से कालापन छा सकता है, जिसमें रेटिना डिटेचमेंट, माइग्रेन, ग्लूकोमा और न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर जैसी बीमारियां शामिल हो सकती हैं। दरअसल, इस मामले में डॉक्टरों का कहना है, कि अगर कालापन केवल एक आँख के आगे छाता है और इसके साथ -साथ आपकी आँख और सिर में तेज दर्द होता है, तो यह आँखों की बीमारी या फिर न्यूरोलॉजिकल समस्या का संकेत हो सकता है। जिसको नज़रअंदाज करने की बजाए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। 

निष्कर्ष: दरअसल, आंखों के आगे अचानक से कालापन या फिर धुंधलापन छा जाना एक आम समस्या है, पर कई बार यह शरीर में चल रहे गंभीर बदलाव का संकेत हो सकता है। आँखों के आगे कालापन रेटिना डिटेचमेंट, माइग्रेन और ग्लूकोमा जैसी समस्याओं के कारण हो सकता है। इसके अलावा, ब्लड प्रेशर में अचानक से गिरावट होना के कारण भी आंखों के आगे अंधेरा-पन छा सकता है। आम समझकर इस समस्या को नज़रअंदाज करना ठीक नहीं है, क्योंकि यह शरीर में कई बदलावों का संकेत हो सकता है। इसलिए इस की समय पर पहचान कर तुरंत इलाज करवाना महत्वपूर्ण होता है। लगातार चक्कर आने, बेहोश होने, सिर और सीने में तेज दर्द होने या फिर सांस लेने में दिक्कत होने पर आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने और आँखों से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही मित्रा आई हॉस्पिटल एंड लेसिक लेज़र सेंटर में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके इलाज के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।


Follow these steps to keep your eyes safe at office
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क्या पॉल्यूशन की वजह से आपकी भी आंखों में होता है दर्द? तो अपनाएं डॉक्टर के बताये ये 4 टिप्स

    January 20, 2026 1849 Views

आज कई शहरों में लगातार पॉल्यूशन का स्तर बढ़ता हुआ नज़र आ रहा है, इससे न केवल लोगों की सेहत बुरी तरीके से प्रभावित हो रही है, बल्कि इससे आंखों को भी भारी नुक्सान झेलना पड़ रहा है। पॉल्यूशन में मौजूद धुंध, धुआं और प्रदूषित हवा के कारण लोगों को आंखों से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिसमें जलन, दर्द, सूजन और आंखों का लाल और पीला पड़ जाना शामिल होता है। इसके साथ ही कई बार आंखों पर रेडनेस भी आ जाती है। पॉल्यूशन के दौरान आंखों से जुड़ी इन समस्याओं से अपना बचाव करने के लिए आप कुछ टिप्स को अपना सकते हैं, जिसमें आंखों को हाइड्रेट रखना, आंखों की साफ़ सफाई रखना, नियमित आंखों की जांच करवाना आदि शामिल हो सकते हैं। आइये इस लेख में इसके बारे में और जानकारी लेते हैं। 

पॉल्यूशन में आंखों की देखभाल करने के टिप्स 

दरअसल, पॉल्यूशन में आँखें बुरी तरीके से प्रभावित हो जाती हैं, जिससे आंखों में जलन, दर्द और सूजन जैसी तरह -तरह की समस्याएं होने होने लग जाती हैं। पॉल्यूशन से अपनी आंखों को बचाने के लिए और रोजाना आंखों की देखभाल करने के लिए आप निम्नलिखित टिप्स को अपना सकते हैं, जैसे कि 

  1. आंखों को हाइड्रेट रखना 

दरअसल, वातावरण में बढ़ते पॉल्यूशन की वजह से आंखों में न केवल सूजन आती है, बल्कि इससे आंखों में दर्द और जलन जैसी समस्याएं भी काफी ज्यादा बढ़ जाती हैं। आंखों से जुड़ी इन समस्याओं से अपना बचाव करने के लिए आंखों को हाइड्रेट रखना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। दरअसल, अपनी आंखों को हाइड्रेट रखने के लिए आप आई ड्रॉप का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे आंखों को दर्द से काफी ज्यादा राहत प्राप्ति होती है। 

  1. आंखों की अच्छे तरीके से साफ़- सफाई रखना 

आम तौर पर, पॉल्यूशन से प्रभावित आंखों की अच्छे तरीके से साफ़ सफाई करना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है। दरअसल, इस बात को सभी जानते ही हैं, कि जब हमारी आँखें प्रदूषित हवा या फिर प्रदूषण के सम्पर्क में आती हैं, तो आंखों में बहुत से छोटे -छोटे धूल और प्रदूषण के कण चले जाते हैं, जिससे आंखों में कई तरह की समस्याएं होने लग जाती हैं। इस तरह की स्थिति उत्पन्न होने पर आप अपनी आंखों को साफ़ पानी से धो सकते हैं। दरअसल, ऐसा करने पर न केवल हमारी आँखें सेहतमंद बनी रहती हैं, बल्कि धूल और मिट्टी के कारण आंखों में होने वाले दर्द से भी छुटकारा मिलता है। हालांकि, रोजाना अपनी आंखों को साफ़ पानी से साफ़ करने पर इनमें होने वाली चिपचिपाहट भी काफी ज्यादा कम हो जाती है, इसलिए आंखों को सेहतमंद और समस्याओं से दूर रखने के लिए सुबह और शाम आंखों को साफ़ पानी से धोना बहुत ही ज्यादा लाभदायक सिद्ध होता है। 

  1. नियमित आंखों की जांच करवाना 

प्रदूषण के कारण हमारी आँखें काफी ज्यादा प्रभावित हो जाती हैं, जिसकी वजह से आंखों की नियमित रूप से जांच करवाना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है। दरअसल, जांच के दौरान आपकी आंखों में होने वाले छोटे से छोटे बदलावों को आसानी से पहचाना जा सकता है। आम तौर पर, इस तरह की स्थिति में अगर पॉल्यूशन या फिर किसी और चीज की वजह से आंखों में तकलीफ हो रही होगी, तो इससे उस का समय पर पता लग सकता है और इलाज हो सकता है। 

  1. एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करना 

हवा में पॉल्यूशन की मात्रा ज्यादा होने की वजह से घर के अंदर की हवा भी बुरी तरीके से प्रभावित हो जाती है। इस तरह की स्थिति में आपके लिए एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करना काफी ज्यादा लाभदायक सिद्ध हो सकता है। क्योंकि इससे घर की हवा काफी ज्यादा साफ़ और प्रदूषित रहत हो जाती है। दरअसल इससे आंखों को भी कोई नुकसान नहीं होता है। दरअसल, इससे न केवल पॉल्यूशन के प्रभाव को कम किया जा सकता है, बल्कि इससे आंखों में भी काफी सुधार देखने को मिलता है। 

निष्कर्ष: आँखें हमारे शरीर का सबसे कोमल और नाजुक अंग है। दुनिया की एक से एक खूबसूरत चीज को देखने के लिए जिसका उम्र भर सेहतमंद होना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। दरअसल, हमारी आँखें हर छोटी से छोटी चीज से काफी ज्यादा प्रभावित हो जाती हैं, जैसे कि हवा में उड़ने वाले धूल मिट्टी के कण और धुआँ। दरअसल, प्रदूषित हवा में कई सारे धुल और मिट्टी के कण मौजूद होते हैं, जिससे आंखों को तरह -तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसमें आंखों में जलन, दर्द, सूजन और कई बार आंखों पर रेडनेस जैसी समस्या होना शामिल होता है। प्रदूषण में रहने से आँखें बुरी तरीके से प्रभावित हो जाती हैं। इस तरह की स्थिति में अपनी आंखों को पॉल्यूशन से सुरक्षित रखने के लिए एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करना, अपनी आंखों को हाइड्रेटेड रखना और नियमित आंखों की साफ़ सफाई का ध्यान रखना जैसे टिप्स को अपना सकते हैं। इसके अलावा, अपनी आंखों को प्रदूषित हवा में मौजूद धूल मिट्टी के कणों से बचाने के लिए आंखों की नियमित जांच कराना भी जरूरी होता है। आंखों से जुड़ी गंभीर समस्या के लिए आप अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और आंखों से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही मित्रा आई एंड लेजर लेसिक सेंटर में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके समाधान के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।


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Frequent eye blinking can signal eye strain or underlying health issues, so consult an eye specialist for proper diagnosis and treatment.
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किन 3 कारणों की वजह से फड़फड़ा सकती हैं आपकी आंखें? जाने डॉक्टर से

    January 6, 2026 3125 Views

दरअसल, आंखों से जुड़ी समस्याएं गंभीर भी हो सकती हैं और आम भी हो सकती हैं, जैसे कि आंखों का फड़कना। वैसे तो, आंखों का फड़कना जैसी समस्या बहुत आम होती है और ज्यादातर लोग इस तरह की समस्या को नजरअंदाज कर देते हैं। आम तौर पर, कई बार आपने यह जरूर महसूस किया होगा, कि आपकी आँखें काफी ज्यादा फड़क रही हैं। आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि दुनिया में कुछ लोगों का मानना है, कि इस तरह की समस्या का शुभ और अशुभ घटना होने का संकेत हो सकता है और वहीं कुछ लोगों का मानना है, कि यह केवल शरीर की एक जैविक क्रिया होती है, जो दर्द रहित होती है। पर इस तरह की स्थिति के दौरान क्या आप इस बात को जानते हैं, कि आंखों का फड़कना आपके शरीर में कुछ पोषक तत्वों की कमी का संकेत हो सकता है। दरअसल, डॉक्टरी तौर पर आंख फड़कने की इस तरह की स्थिति को मायोकिमिया के नाम से जाना जाता है। आम तौर पर, समस्या की इस स्थिति में पलक की मांसपेशियां बुरी तरीके से प्रभावित हो जाती। असल में, आंख फड़कने के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें मैग्नीशियम की कमी होना, काफी ज्यादा तनाव लेना, स्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल करना, बहुत ज्यादा कैफीन या फिर शराब का सेवन करना और सूखी आँखें या फिर एलर्जी होना जैसे प्रमुख कारण शामिल हो सकते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

किन कारणों की वजह से फड़फड़ाने लगती हैं आंखें?

  1. मैग्नीशियम की कमी

दरअसल, जिन लोगों को आंख फड़कने जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है, उनमें मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व की कमी हो सकती है। मैग्नीशियम मांसपेशियों के सिकुड़ने और नर्व फंक्शन को कंट्रोल करने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करता है। दरअसल, इस तरह की स्थिति में जब आपके शरीर में मैग्नीशियम की कमी होती है, तो उस दौरान आपकीआंखों की मांसपेशियां काफी ज्यादा एक्टिव हो जाती हैं, जिसकी वजह से आंख फड़कने जैसी स्थिति का अनुभव होने लग जाता है। आम तौर पर, शरीर में मैग्नीशियम की कमी होने पर थकान, ऐंठन, दिल की धड़कनों का अनियमित होना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। शरीर में इसकी कमी को पूरा करने के लिए पालक, बादाम, एवोकाडो, केले और साबुत अनाज जैसे पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल किया जा सकता है। 

  1. अधिक तनाव होना 

ज्यादातर, आंख फड़कने जैसी समस्या तब होती है, जब तनाव बहुत ज्यादा होता है। असल में, जब आप बहुत ज्यादा मानसिक तनाव में होते हैं, या फिर जब आप बहुत ज्यादा थका हुआ महसूस करते हैं, तो नर्वस सिस्टम कोर्टिसोल को छोड़ता है, जिसे तनाव हार्मोन भी कहा जाता है। दरअसल, इसकी वजह से चेहरे की नसें काफी ज्यादा एक्टिव हो जाती हैं और आँखें फड़कने लग जाती हैं। आम तौर पर, तनाव जैसी समस्या का समाधान करने के लिए आप रोजाना योग या फिर मेडिटेशन कर सकते हैं। 

  1. काफी ज्यादा कैफीन या फिर शराब का सेवन करना। 

दरअसल, आज के समय में ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं है, जो चाय या फिर शराब का सेवन न करता हो। लगभग सभी लोग आज के समय में चाय और शराब का सेवन करते हैं, क्योंकि इन का सेवन आज के समय में एक फैशन बन गया है। आम तौर पर, इस तरह की स्थिति में जो लोग ज्यादातर चाय या फिर शराब का सेवन करते हैं, उनमें आंख फड़कने जैसी स्थिति को देखा जा सकता है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि रोजाना ज्यादा शराब और कैफीन का सेवन करने से तंत्रिका तंत्र एक्टिव हो जाते हैं, जिसकी वजह से आंख फड़कने जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। 

निष्कर्ष: दरअसल, आंखों का फड़कना एक आम समस्या होती है, जिसका अनुभव अपनी जिंदगी में सभी लोगों को एक न एक दिन करना पड़ता है। कुछ लोगों के लिए यह शुभ और अशुभ घटना का संकेत हो सकता है, तो कुछ लोगों के लिए यह शरीर की एक जैविक क्रिया होती है। यह समस्या आम होने के साथ- साथ दर्द रहित भी होती है। वैसे तो आंख फड़करने के कई कारण होते हैं, पर इसमें मैग्नीशियम की कमी होना, काफी ज्यादा तनाव लेना, स्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल करना, बहुत ज्यादा कैफीन या फिर शराब का सेवन करना और सूखी आँखें या फिर एलर्जी होना जैसे कुछ प्रमुख कारण शामिल हो सकते हैं। ज्यादातर लोग इस समस्या को नजरअंदाज कर देते हैं, जो उन्हें बिलकुल भी नहीं करना चाहिए, क्योंकि आंख फड़कना शरीर में किसी पोषक तत्व की कमी का संकेत भी हो सकता है। इसलिए, इस तरह की समस्या का अनुभव होते ही आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, या फिर इसको कंट्रोल करने के तरीकों के बारे में डॉक्टर से जानना चाहिए। अगर आपको भी इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करनी है, या फिर अगर आपको भीआंखों में किसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है और आप इसका समाधान चाहते हैं, तो आप आज ही मित्रा आई हॉस्पिटल एंड लेसिक लेज़र सेंटर में जाकर इसके विशेष्ज्ञों से इसके बारे में जानकरी प्राप्त कर सकते हैं।


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Stressed man wearing glasses, experiencing eye strain or discomfort, visiting Mitra Eye Hospital for expert eye care and treatment.
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क्या सर्दियों में ये 3 फूड्स आंखों का चश्मा उतारने में कर सकते हैं सहायता? जाने डॉक्टर से

    January 1, 2026 2836 Views

दरअसल, अपनी आँखों को सेहतमंद रखने और सभी चीजों को अच्छी तरह देखने के लिए इन की उचित देखभाल करना बेहद महत्वपूर्ण होता है। आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि आँखों की देखभाल के कई तरीके हो सकते हैं, पर इन को सेहतमंद बनाए रखने में डाइट की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। आम तौर पर, उचित और पोषण से भरपूर आहार शरीर के साथ -साथ आंखों के स्वास्थ्य के लिए भी काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि हमारी रोजाना की खुराक से हमारी आँखें भी काफी ज्यादा प्रभावित होती हैं। इसलिए, रोजाना सही डाइट का चुनाव करना महत्वपूर्ण होता है। 

दरअसल, आज कल यह काफी ज्यादा देखने को मिलता है, कि छोटे-छोटे बच्चों को भी काफी जल्दी आँखों पर चश्मा लग जाता है। इसके साथ ही वहीं जो लोग ज्यादा समय तक कंप्यूटर, मोबाइल और लैपटॉप की स्क्रीन के आगे काम करते रहते हैं, दरअसल उनकी भी आंखें काफी ज्यादा कमजोर हो जाती हैं और जिसकी वजह से उन को चश्मा लग जाता है। आपको बता दें, कि डिजिटल गैजेट्स का काफी ज्यादा उपयोग आँखों पर दबाव डाल सकता है और इससे आँखें काफी ज्यादा कमजोर हो सकती हैं। 

दरअसल, इस तरह की स्थिति में, विशेष कर सर्दिओं के मोसम में अगर आप अपने खान-पान पर महत्वपूर्ण ध्यान देते हैं, तो इससे आपकी आँखें सेहतमंद रहने के साथ -साथ आँखों की रौशनी भी काफी ज्यादा बढ़ती है। ऐसे में, अब लोगों के मन में सवाल यह उठता है, कि आखिर सर्दियों के मौसम में, हम अपनी आँखों से चश्मा हटाने के लिए कौन से फूड्स को शामिल कर सकते हैं? तो दरअसल, सर्दियों के मौसम में, आँखों से चश्मा हटाने के लिए डाइट में गाजर, शकरकंद, आंवला, हरी पत्तेदार सब्जियां और पपीता जैसे फूड्स को शामिल किया जा सकता है। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

सर्दियों में ये फूड्स आंखों का चश्मा उतारने में मदद कर सकते हैं 

असल में, आँखों को सेहतमंद रखने के लिए हमारी रोजाना की डाइट एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। दरअसल, सर्दियों के मौसम में निम्नलिखित फूड्स का सेवन आँखों से चश्मा हटाने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान कर सकते हैं, जैसे कि 

  1. गाजर 

असल में, गाजर को आंखों के लिए सबसे अच्छा खाना माना जाता है, क्योंकि गाजर में विटामिन ए और बीटा कैरोटीन जैसे तत्व भरपुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो आँखों की रौशनी को बढ़ाते हैं, इसके साथ ही गाजर में मौजूद यह तत्व आंखों के सेल्स को स्वस्थ रखने में काफी ज्यादा मदद करते हैं। जिससे आपकी आँखें स्वस्थ और आपको चश्में की जरूरत नहीं पड़ेगी। 

  1. शकरकंद

दरअसल, सर्दियों के मौसम में बहुत से लोग भुनी हुई शकरकंद खाना काफी ज्यादा पसंद करते हैं, जो उनकी आँखों के लिए भी काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकती है। आम तौर पर, शकरकंद में पाए जाने वाले विटामिन सी और विटामिन ए जैसे तत्व आँखों के लिए बहुत ही ज्यादा लाभदायक सिद्ध होते हैं। 

  1. पपीता 

आम तौर पर, पपीता आँखों के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद होता है, क्योंकि इसमें विटामिन ए विटामिन सी के साथ -साथ विटामिन ई जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो आँखों के लिए बहुत ही ज्यादा लाभकारी साबित होते हैं। दरअसल, पपीता आँखों को धूप से होने वाले नुकसान से बचाता है और साथ ही, गैजेट्स से होने वाले आँखों के नुकसान को भी कम करने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करता है। 

निष्कर्ष: आँखों को सेहतमंद रखने के लिए आँखों की उचित देखभाल करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण है। आँखों की सेहत को बनाए रखने के लिए सही डाइट का चुनाव करना भी जरूरी होता है। सर्दियों के मौसम में तो अपनी आंखों का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि इन दिनों ठंडी, सूखी हवा आँखों की नमी छीन लेती है, जिसकी वजह से आँखों में सूखापन, जलन और खुजली जैसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। इसके साथ ही, लैपटॉप, मोबाइल और दूसरे गैजेट्स का इस्तेमाल करने से आंखें समय से पहले कमजोर हो जाती हैं। जिसकी वजह से आँखों पर चश्मा लग जाता है। दरअसल, इस तरह की समस्या से बचने के लिए आप सर्दियों के मौसम में अपनी डाइट में, गाजर, शकरकंद, आंवला, हरी पत्तेदार सब्जियां और पपीता जैसे फूड्स को शामिल कर सकते हैं। दरअसल, यह फूड्स आँखों में होने वाली समस्याओं को काफी हद तक कम करते हैं और आँखों पर लगे चश्मे को भी उतारने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करते हैं। अगर, इन सब का सेवन करने के बावजूद भी आपकी आँखों की समस्याएं कम नहीं हो रही हैं, तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। अगर आपको भी इसके बारे में ज्यादा जानकारी या फिर अगर आपको भी आँखों से जुडी कोई समस्या है, जिसका आप समाधान चाहते हैं, तो आप आज ही मित्रा आई हॉस्पिटल एंड लेसिक लेज़र सेंटर में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों से इस के इलाज के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।


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क्या आंखों में धूल जाने से हो सकते हैं ये 4 नुकसान, जानें डॉक्टर से

    December 4, 2025 3426 Views

दरअसल, आँखें शरीर के मुख्य अंगों में से एक होती हैं। आँखें हमको कुछ भी देखने में काफी ज्यादा सहायता करती हैं। जिन्दगी जीने के लिए आंखों की काफी ज्यादा जरूरत होती है। इसलिए अपनी आंखों का ध्यान रखना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है। यह बात सच है, कि आँखें हमको दुनिया की खूबसूरती से रूबरू कराती हैं। पर आज के समय में लोगों में आंखों से जुड़ी कई तरह की समस्याओं को देखा जाता है। बहुत बार यह देखा जाता है, कि प्रदूषण के संपर्क में आने से आंखों में धूल-मिट्टी चली जाती है, जिसकी वजह से स्वास्थ्य से जुड़ी कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। असल में, आंखों में धूल-मिट्टी जाने से एक व्यक्ति की आंखों को बहुत नुकसान हो सकता है, जैसे धुंधला दिखना, आंखों में खुजली, एलर्जी, लालिमा और आंखों में जलन होना आदि। इसके साथ ही, आंखों में धूल और गंदगी जाने से आंखों में एलर्जी के साथ-साथ व्यक्ति को कुछ भी देखने में काफी ज्यादा दिक्कत हो सकती है। आपको बता दें, कि ऐसी स्थितियों को नजरअंदाज करना बहुत नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए इसके इलाज के लिए आप कुछ घरेलू नुस्खों या फिर तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।

आंखों में धूल-मिट्टी जाने पर आंखों को क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं?

  1. आंखों में लालिमा 

आपको बता दें, कि प्रदूषण या फिर हवा में मौजूद हानिकारक कण और धूल-मिट्टी आंखों में सूजन पैदा करते हैं, जिसके कारण आंखों में लालिमा जैसी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। इसलिए, अगर आपको इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, तो अपनी आंखों को साफ़ करने की कोशिश करें, आंखों से धूल-मिट्टी को हटाएँ। 

  1. धुंधला दिखाई देना 

दरअसल, जब धूल और गंदगी आंखों में चली जाती है, तो आंखों में नमी की कमी बहुत ज्यादा हो जाती है, जिससे आंखों में धुंधलापन या फिर देखने में दिक्कत की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। अगर आपके साथ ऐसा कई दिनों तक होता है, तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। 

  1. आंखों में खुजली होना

दरअसल, आंखों में खुजली होने का एक बहुत बड़ा कारण, आंखों में जाने वाली धुल मिटी हो सकती है। आंखों में जाने वाली धूल मिट्टी न केवल आंखों में खुजली का कारण बनती है, बल्कि इससे आंखों के टिशू पर भी बहुत बुरा असर पड़ता है। इस तरह की स्थिति उत्पन्न होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना महत्वपूर्ण हो सकता है। 

  1. आंखों में एलर्जी होना

आंखों में धुल मिट्टी पड़ने पर इसको कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि आंखों में गंदगी और धूल जाने की वजह से आई लाइन्स और पलकों पर काफी ज्यादा बुरा असर पड़ता है, जिसकी वजह से आंखों में एलर्जी और एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस जैसी समस्या भी हो सकती है। 

निष्कर्ष : आँखें हमको दुनिया की खूबसूरती से रूबरू कराती हैं। शरीर के जरूरी अंगों में से एक होने के नाते, आंखों का ध्यान रखना बहुत ही जरूरी होता है। आंखों में धूल -मिट्टी जाना कोई बड़ी चिंता की बात नहीं होती है, पर इसे नजरअंदाज करना कई मामलों में आंखों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इससे आंखों को कई तरह के नुकसान हो सकते हैं। इसलिए, इस तरह की स्थिति उत्पन्न होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी होता है। अगर आपकी भी आंखों में धूल मिट्टी जाने से या फिर किसी और कारण की वजह से आंखों में कोई समस्या हो गयी है और आप इसका समाधान चाहते हैं, तो आप आज ही मित्रा आई हॉस्पिटल एंड लेसिक लेज़र सेंटर में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों से इस के इलाज के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते हैं 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल 

प्रश्न 1. क्या आंखों में धूल-मिट्टी जाना एक चिंताजनक विषय हो सकता है?

दरअसल, आंखों में धूल-मिट्टी जाना कोई बहुत बड़ी चिंता की बात नहीं होती है, पर इसको नजरअंदाज करने पर आंखों को कई तरह के नुकसान हो सकते हैं। 

प्रश्न 2. क्या धूल-मिट्टी आंखों को नुकसान पहुंचा सकती है?

दरअसल, हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, हवा में मौजूद दूषित कण कॉर्निया को बुरी तरह प्रभावित कर सकते हैं, जिससे कि आंखों में खुजली और दिखाई देना बंद हो सकता है।


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