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पलक को बिना झपकाए स्क्रीन को लगातार देखते रहने से आंखों को कौन कौन से नुकसान हो सकते हैं? डॉक्टर से जाने इसके बारे में!
आँखें हमारी जिंदगी का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है। एक आसान जिंदगी जीने के लिए इन को सेहतमंद रखना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। आँखें हमको देखने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करती हैं। आम तौर पर, इस में होने वाली समस्या हमारी जिंदगी को बुरी तरीके से प्रभावित कर सकती है। दरअसल, आंखों की पलकों को झपकना आंखों की सेहत को बनाए रखने का एक सबसे आसान और एक बहुत ही ज्यादा जरूरी नेचुरल प्रोसेस में से एक माना जाता है। दरअसल, जब आप हर बार अपनी आंखों की पलकों को झपकाते हैं, तो इस दौरान आपकी पलकें आंखों की सतह पर आंसुओं की एक पतली परत को फैलाती हैं, जिसकी सहायता से आँखें नम, साफ और आरामदायक महसूस करती हैं। आम तौर पर, इसी के चलते, जब आप डिजिटल स्क्रीन को चाहे वो आपका फोन हो, कंप्यूटर हो या फिर टीवी हो उसे लगातार देखते या फिर उसको एक टक घूरते ही रहते हैं, तो इसकी वजह से आपकी आंखों को काफी ज्यादा नुकसान झेलना पड़ता है। इसके कारण पलक झपकने की दर काफी ज्यादा कम हो जाती है। स्क्रीन को देखते हुए आंखों को कम झपकने की यह गन्दी आदत आंखों में कई तरह की समस्याओं को पैदा कर सकती है, जिस में ड्राइनेस, जलन, रेडनेस और आंखों में किरकिरा पन महसूस होना शामिल हो सकता है। यहां डॉक्टर का मानना है, कि यह आदत डिजिटल आई स्ट्रेन या फिर कंप्यूटर विज़न सिंड्रोम के मुख्य कारणों में से एक है। आम तौर पर, यह एक इस तरह की स्थिति है, जो किसी भी उम्र के लोगों को बुरी तरीके से प्रभावित कर सकती है। दरअसल, पालक को झपकाए बगैर और लगातार स्क्रीन को देखते रहने की वजह से आपकी आंखों को कई तरह के नुकसानों का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें आँखों का सुख जाना, डिजिटल आई स्ट्रेन होना, नजर का धुंधला हो जाना, सिर और गर्दन में दर्द होना और मैकुलर डिजनरेशन होना जैसे कई नुकसान शामिल हो सकते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
आंख का आंसू सिर्फ पानी ही नहीं होता है!
आम तौर पर, हम में से बहुत से लोगों को यही लगता है, कि आंखों में आने वाला आँसू सिर्फ एक पानी होता है, पर ऐसा बिल्कुल भी नहीं है, हम में से ज्यादातर लोगों को इस बात का एहसास ही नहीं है, कि आंखों में से निकलने वाला आँसू केवल पानी ही नहीं होता है, बल्कि यह तेल, बलगम और पानी का एक बहुत ही नाजुक मिश्रण होता है, जो हमारी आंखों को कई तरह की चीजों से बचाने का काम करता है, जिसमें धूल, एलर्जी और इन्फेक्शन जैसी चीजों से बचाना शामिल होता है। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि जब पलक झपकने की बारंबारता काफी ज्यादा कम हो जाती है, तो इस दौरान आंसुओं की परत एक जैसी नहीं रहती, जिसकी वजह से आंखों में जलन और आंखों में सूखापन जैसी समस्या हो जाती है।
लगातार स्क्रीन देखने से आंखों को होने वाले नुकसान
दरअसल, जो लोग बिना थके और बिना रुके किसी भी डिजिटल स्क्रीन को लगातार देखते रहते हैं, उन्हें आंखों में कई तरह के नुकसानों का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें से कुछ निम्नलिखत अनुसार हो सकते हैं, जैसे कि
- आंखों में थकान होना
दरअसल, लगातार एक ही नज़र और बिना पलक झपकाएं स्क्रीन को देखते रहना आंखों की थकान को काफी ज्यादा बढ़ा देता है। इससे आपको अपनी आंखों में काफी दर्द महसूस हो सकता है और कुछ भी देखने में काफी ज्यादा परेशानी हो सकती है। आंखों की इस थकान से बचने के लिए अपने स्क्रीन टाइम को कम करना और बीच बीच में ब्रेक लेना आंखों की सेहत के लिए काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है।
- आंखों में सूखापन आना
जो लोग बिना पालक को झपकाए लगातार स्क्रीन को देखते रहते हैं, दरअसल उनकी आंखों में काफी ज्यादा सूखापन आ जाता है। इस तरह की स्थिति के कारण आंखों की नमी काफी ज्यादा कम हो जाती है, जिसकी वजह से आंखों में जलन और खुजली जैसी समस्या होने लग जाती है।
- धुंधला दिखाई देना
आपको बता दें, कि आपकी आंखें जितना वक्त स्क्रीन के पास काम करती हैं, उसकी वजह से आँखें काफी ज्यादा थक जाती हैं, जिस से पास और दूर की चीजें देखने में काफी ज्यादा परेशानी महसूस होती है। आम तौर पर, इसकी वजह से गर्दन और कंधों में भी काफी ज्यादा दर्द महसूस हो सकता है।
- आंखों में ड्राइनेस होना
आम तौर पर, काफी लंबे वक्त तक और लगातार एक टक से स्क्रीन को देखते रहने की वजह से आंखों में ड्राइनेस की समस्या हो सकती है। दरअसल, इसकी वजह से कॉर्निया की सतह में काफी ज्यादा सूजन हो जाती है और आंखों में इंफेक्शन का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है।
- 20-20-20 रूल फॉलो करें
आंखों से जुड़ी किसी भी तरह की समस्याओं से बचने के लिए आप 20-20-20 नियम का पालन कर सकते हैं। इसमें स्क्रीन पर काम करते वक्त हर 20 मिनट में, कम से कम 20 सेकंड तक के लिए ब्रेक लें और अपने से 20 फीट की दुरी पर रखी किसी भी चीज को देखें। दरअसल, अपनी आंखों को सेहतमंद रखने के लिए आप पलकों को झपकाते रहें और सही रोशनी में बैठकर काम करें।
निष्कर्ष: इस डिजिटल युग में कोई भी स्क्रीन को देखने से अपने आप को नहीं रोक सकता है। क्योंकि आज यह सभी की जरूरत बन चुका है। पर आंखों को सुरक्षित रखने के लिए हम कुछ सेहतमंद आदतों को अपना सकते हैं। इससे आँखें लंबे समय तक बीमारियों से बची रह सकती हैं। इसके बारे में ज्यादा जानने के लिए और आंखों से जुड़ी किसी भी समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही मित्रा आई हॉस्पिटल एंड लेसिक लेज़र सेंटर में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।