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लक्षण जानकर, बच्चों की कमजोर आंखों को बेहतरीन बनाने के लिए खिलाएं ये चीजें

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Category: Hindi

कौन-सी चीजे खिलाने से बच्चों की आंखे होगी मजबूत ?
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eye care Hindi

लक्षण जानकर, बच्चों की कमजोर आंखों को बेहतरीन बनाने के लिए खिलाएं ये चीजें

    May 24, 2023 20467 Views

बच्चो में अक्सर चश्मा छोटी उम्र से ही लग जाता है जिसका कही न कही कारण उन्हें स्वास्थ्य खाने की चीजे न देने की वजह से भी हो सकता है। आंखों में लगे चश्मे को हम कैसे ठीक कर सकते है। खास कर माता-पिता को इस बात की काफी चिंता होती है की वो अपने बच्चो के आँखों की कमजोरी को कैसे दूर करे।

पर आपको बता दे की अब आपकी चिंता ख़त्म होगी क्युकि हम इस आर्टिकल में उस खाने की चीजों के बारे में बताएंगे, जिसका सेवन करने से आप अपने आंखों के सेहत का अच्छे से ध्यान रख सकेंगे ;

क्या है कम उम्र में आंखों के धुंधलेपन के लक्षण ?

आंखों में धुंधलेपन के लक्षण निम्न प्रस्तुत है ;

  • किसी भी चीज पर ध्यान केंद्रित ना कर पाना। 
  • पढ़ने में दिक्कत का सामना करना। 
  • सिर दर्द की समस्या का महसूस करना। 
  • दूर या पास की चीजों को पढ़ने में दिक्कत का सामना करना। 
  • आंखों में खुजली व आंखों का लाल होना।

यदि आंखों में धुंधलेपन के लक्षण ज्यादा गंभीर होते जा रहे है तो आंखों का स्पेशलिस्ट डॉक्टर पंजाब से सम्पर्क करे।

बच्चो में आंखों के धुंधलेपन की समस्या क्यों होती है ?

ये समस्या खान-पान पर खास ध्यान न रखने की वजह से उत्पन होती है। जिसके बारे में हम निम्न में बात करेंगे ;

  • निकट दृष्टि दोष में कार्निया और लेंस, रेटिना पर ठीक तरह से फोकस नहीं बना पाती जिसकी वजह से ये समस्या उत्पन होती है। यह समस्या तब होती है जब आपके बच्चे के आंखों की पुतली थोड़ी लंबी हो जाती है या लेंस बहुत मोटा हो जाता है, जिससे इमेज रेटिना पर बनने के बजाय उसके सामने बनने लगती है।

लेसिक सर्जरी पंजाब का चयन करके आप अपने बच्चे की निकटतम और दूरतम की दृष्टि को ठीक करवा सकते है।

कम उम्र में धुंधलेपन से कैसे करे खुद का बचाव ?

निम्न बातो को ध्यान में रख के आप अपने आप को इस समस्या से निजात दिलवा सकते है ;  

  • विटामिन ए की प्रचूर मात्रा वाली चीजें खाने से आपकी आंखें स्वास्थ्य एव ठीक रहती है। इसके साथ ही आपको विटामिन सी, ई, कॉपर और जिंक आदि खाने को भी अपनी आदत में शामिल करना चाहिए। 
  • आप गाजर, अंडे, कद्दू, पत्ते वाली सब्जियां और शकरकंद आदि खा सकते हैं. तो वही अगर आप नॉन वेज खाते हैं तो मछली आपकी आंख के लिए बहुत फायदेमंद हो सकती है।
  • रंग बिरंगी सब्जियों का सेवन करने से भी आंखों को स्वस्थ रखा जा सकता है. इन सब्जियों में गाजर, शकरकंद आदि शामिल हैं। 
  • कुछ नट्स जैसे काजू, बादाम, अखरोट, मूंगफली आदि भी आंखों के लिए बेहद उपयोगी हैं। इनके अंदर विटामिन ई मौजूद होता है जो न केवल मायोपिया की संभावना कम करता है बल्कि सूखी आंखों की समस्या से भी बचाव कर सकता है।

सुझाव :

यदि आप दूर और नजदीक की आंखों की समस्या से परेशान है तो मित्रा आई हॉस्पिटल से लेसिक सर्जरी का चयन करे। क्युकि इस हॉस्पिटल में नवीनतम उपकरणों के इस्तेमाल से रोगी के आंखों को ठीक किया जाता है। इसके अलावा डॉक्टर उपरोक्त खाने की चीजों को भी इस्तेमाल करने की सलाह देंगे। 

निष्कर्ष :

आंखों में आई किसी भी तरह की समस्या को कृपया नज़रअंदाज़ न करे बल्कि समय रहते इसका खास ध्यान रखे। और किसी भी तरह के उपाय को प्रयोग में लाने से पहले एक बार डॉक्टर से जरूर सलाह ले।


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Hindi Ophthalmologist

ऑपथलमॉलजिस्ट: आंखों की समस्याओं से निजात दिलवाने में कैसे सहायक होंगे?

    April 22, 2023 9010 Views

आज के इस लेख में हम बात करेंगे कि आंखों से जुडी कोई भी समस्या के लिए कौन से नेत्र विशेषज्ञ किसमे माहिर होते है।

नेत्र विशेषज्ञ कौन होते है ?

आंखों से जुडी कोई भी परेशानी होती है, तो हम उसका निपटारा करने के लिए नेत्र विशेषज्ञ ऑपथलमॉलजिस्ट (Ophthalmologist) का सहारा लेते है। तो आज के इस लेख में हम नेत्र विशेषज्ञ हमारे लिए कैसे सहायक होंगे उसके बारे में बात करेंगे,

  • एक नेत्र रोग विशेषज्ञ नेत्र रोगों की जांच और उपचार करता है, आंखों की सर्जरी करता है और दृष्टि दोषों को ठीक करने के लिए चश्मा और कॉन्टैक्ट लेंस निर्धारित करके उसे फिट करता है।
  • एक नेत्र रोग विशेषज्ञ एक चिकित्सा (मेडिकल) या ऑस्टियोपैथिक डॉक्टर होता है, जो आंखों की मेडिकल और सर्जिकल देखभाल में काफी माहिर होता है।

यदि आप आंखों की सर्जरी करवाने के बारे में सोच रहे हो, तो डॉक्टर की कार्यदक्षता और उनकी पढ़ाई को जान कर ही आंखों का स्पेशलिस्ट डॉक्टर पंजाब का चुनाव करे। 

क्या ऑपथलमॉलजिस्ट भी आंखों के लिए विशेषज्ञ माने जाते है ?

ऑपथलमॉलजिस्ट किसके लिए विशेषज्ञ माने जाते है, हम उसके बारे में निम्न में बात करेंगे ;

  • बिल्कुल माने जाते है। क्युकि ऑप्टोमेट्रिस्ट एक हेल्थ केयर प्रोफेशनल होता है, जो मोतियाबिंद, ग्लूकोमा और उम्र से संबंधित मैकुलोपैथी जैसी संभावित गंभीर आंखों की बीमारियों और उच्च रक्तचाप और डायबिटीज़ जैसी सामान्य स्वास्थ्य स्थितियों का पता लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है।
  • बता दे कि एक ऑप्टोमेट्रिस्ट एक ऑप्टोमेट्री ग्रेजुएट होता है। यह चार साल की अवधि का प्रोग्राम होता है। इन चार सालों में से तीन साल थियोरी, प्रैक्टिकल और क्लिनिकल लैब्स का एक कॉम्बिनेशन होता है और चौथा साल एक इंटर्नशिप होता है, जहां स्टूडेंट्स प्रेक्टिस करने वाले ऑप्टोमेट्रिस्ट की देख रेख में प्रैक्टिस करते है। 
  • अपने इंटर्नशिप पीरियड में वो मरीज़ का इलाज विशेषज्ञ की देख-रेख में करते है। 

क्या ऑप्टिशियन को भी हम आंखों के विशेषज्ञ डॉक्टर के रूप में जान सकते है ? 

  • बिल्कुल नहीं, क्युकि जो ऑप्टिशियन होते है वो आंखों के डॉक्टर नहीं माने जाते है। लेकिन वे आई केयर टीम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा जरूर होते है। 
  • ऑप्टिशियंस चश्मे और अन्य आईवियर को फिट करने और बेचने के लिए ऑप्टोमेट्रिस्ट या नेत्र रोग विशेषज्ञ द्वारा लिखे गए, प्रिस्क्रिप्शन का उपयोग करते है।
  • ऑप्टिशियंस को आंखों की रोशनी को ठीक करने के लिए चश्मे के लेंस और फ्रेम, कॉन्टैक्ट लेंस और अन्य उपकरणों को डिजाइन, प्री वेरीफाई और फिट करने के लिए ट्रेन्ड किया जाता है। 
  • बस इसके लिए वह नेत्र रोग विशेषज्ञ या ऑप्टोमेट्रिस्ट द्वारा दिए गए प्रिस्क्रिप्शन का उपयोग करते हैं।

यदि निकटतम या दूरतम चीजों को देखने के लिए चश्मे का उपयोग करते है, तो आप नेत्र विशेषज्ञ से सलाह लेकर लेसिक सर्जरी पंजाब से करवा सकते है। 

सुझाव :

यदि आप अपने आंखों की सर्जरी करवाना चाहते है, तो इसके लिए बेस्ट आँखों के हॉस्पिटल का चयन करे या आप मित्रा आई हॉस्पिटल से भी सम्पर्क कर सकते है। क्युकि यहाँ पर आंखों के विशेषज्ञ डॉ हरिंदर मित्रा आंखों की सर्जरी काफी अच्छे से करते है।

निष्कर्ष :

कुछ भी स्पष्ट देखने में यदि आप असमर्थ है। तो बिना देर किए आंखों की सर्जरी का चयन करे। पर उपरोक्त बातो का खास ध्यान रखे। जैसे डॉक्टर की क्वालिफिकेशन और उसका अनुभव। इसके बाद ही आप इस सर्जरी को करवाने के बारे में सोचे।


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Hindi LASIK surgery

लेसिक सर्जरी (LASIK surgery) के प्रकार तथा उसकी प्रक्रिया को विस्तार से समझे

    March 10, 2023 8663 Views

LASIK surgery: जानिए लेसिक सर्जरी के बारे में 

दूरदर्शिता, निकट दृष्टि दोष, एस्टिग्मेटिज्म और प्रेसबायोपिया यानि ज़्यादा दूर की दृष्टि का कमज़ोर होना आम तोर पर आँखों की समस्याएं हैं।  इन समस्याओं को ठीक करने के लिए रिफ्रैक्टिव सर्जरी को किया जाता हैं। इस सर्जरी की वजह से हमारी कांटेक्ट लेंस और चश्मे के ऊपर निर्भरता कम होती है।  आज के समय में बहुत अधिक तरीके है आँखों की सर्जरी करने के लिए लेकिन उनमे से सबसे अधिक लसिक सर्जरी प्रसिद्ध है।  

लेसिक सर्जरी एक ऐसी सर्जरी है जिसमे आँखों से जुडी किसी भी तरह की समस्या जैसी की दूर या पास की दृष्टि में समाया होना, और फिर चश्मे या फिर कांटेक्ट लेंस का प्रयोग करना, जैसी हर समस्या का इलाज किया जाता है।  यह सर्जरी सिर्फ उन लोगो के लिए की जाती है जिनको चश्मा या लेंस लगाना बिलकुल नहीं पसंद।  जिनकी नज़र अधिक कमज़ोर होती है यह सर्जरी उनके लिए नहीं यही।  

लेसिक सर्जरी के प्रकार

यदि आप एक अच्छे लेसिक उम्मीदवार हैं तो आपके डॉक्टर सर्वश्रेष्ठ सर्जिकल विकल्प की सलाह देंगे;

  • लेसिक – एक ऐसी सर्जरी जोकि सबसे अधिक प्रसिद्ध है।  इसमें सर्जिकल पट्टी के दवारा एक हिंगड़ फ्लैप बनाई जाती है।  फिर डॉक्टर लेज़र के द्वारा पतली परत को निकलते है।    
  • इंट्रा लसिक – इस प्रकिय्रा में चिकित्सक ब्लेड का नहीं बल्कि लेज़र का इस्तमाल करते है कॉर्निया की आकृति बदलने के लिए।    
  • वेवफ्रंट लसिक– यह एक सबसे आधुनिक तथा विकसित प्रक्रिया है।  इस प्रक्रिया के दौरान, 3/3 आयाम स्कैन द्वारा कॉर्निया का नक्शा तैयार किया जाता है।  यह प्रक्रिया बहुत सटीक है, और इस प्रक्रिया के बाद 20/20 दृष्टि प्राप्त करने की संभावना में सुधार होता है।

लेसिक की प्रक्रिया 

लेसिक एक दर्द रहित प्रक्रिया है इसलिए अन्य नेत्र सर्जरी की तुलना में अधिक आरामदायक है। यहाँ लेसिक सर्जरी का विस्तार से विवरण किया गया है; 

लेसिक सर्जरी के पहले 

लेसिक सर्जरी के पहले आपकी अच्छी तरह से जाँच की जाएगी की यदि आप सर्जरी करवाने के लिए स्वस्थ हो या नहीं और आपकी आँखें सर्जरी करवाने के किये स्वस्थ है या नहीं। आपके डॉक्टर निम्नलिखित बातों का मूल्यांकन करेंगे; 

  • पुतली का आकार
  • कॉर्निया का आकार
  • आंख के कॉर्निया की मोटाई
  • आँखों की समस्याएं  
  • आँखों में नमी
  • कोई अन्य आंख की स्थिति

आपको कुछ समय के लिए कांटेक्ट लेन्सेस का प्रयोग निहित कर देना है।  इसके बाद आपको आपके डॉक्टर सर्जरी में क्या करना है और क्या नहीं वह समझायेंगे।

लेसिक प्रक्रिया के दौरान

आपको किसी भी तरह की परेशानी से दूर रखने के लिए लोकल एनेस्थीसिया दिया जायेगा।  एक बार जब आपकी आंखें सुन्न हो जाएंगी, तब आपकी आंखें लेजर के नीचे सटीक रूप से स्थित किया जायेगा और इस समय आपकी आँखों को खुला रखा जायेगा 

लेसिक सर्जरी के बाद 

लेसिक सर्जरी के बाद आपके डॉक्टर द्वारा आपको आराम करने का निर्देश दिया जायेगा।  इस समय आँखों में हलकी हलकी जलन, आँखों पर दबाव महसूस होना तथा खुजली की अनुभूति होना आम बात है। इसके बाद आपकी आखों का अच्छे से परिक्षण किया जायेगा। आपकी आँखें कुछ समय के किये सुख जाएगी तथा आपको साफ़ नहीं दिखेगा।  सूखापन और जलन से निजात पाने के लिए आपके डॉक्टर आपको आँखों में डालने की दवाई देंगे।  

विश्वसनीय सलाह 

यदि आप भी आखों पर चश्मा या लेंस पहनने से परेशान है तो आप मित्रा आयी हॉस्पिटल तथा लेसिक लेज़र सेंटर से अपनी लेसिक सर्जरी करवा सकते है वह भी किफायती दामों पर।  


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