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क्या आंखों के आगे अचानक कालापन इन 4 प्रमुख कारणों की वजह से आ सकता है? डॉक्टर से जानें इसके बारे में

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Category: Hindi

Blurred vision during pregnancy, causes, and care at Mitra Eye Hospital.
EXPERT EXPLANATION OF BLURRED VISION CAUSES DURING PREGNANCY AND TREATMENT OPTIONS AT MITRA EYE HOSPITAL.
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क्या आंखों के आगे अचानक कालापन इन 4 प्रमुख कारणों की वजह से आ सकता है? डॉक्टर से जानें इसके बारे में

    January 26, 2026 1003 Views

दरअसल, आंखों से जुड़ी ऐसी बहुत सी समस्याएं होती हैं, जिनका सामना लगभग सभी लोगों को करना पड़ता है। इसी के चलते आँखों के आगे कालापन छा जाना एक आम समस्या है, जिससे आज के समय में लाखों लोग प्रभावित दिखाई दे सकते हैं। दरअसल आँखों के आगे कालापन छा जाना मुख्य रूप से बुजुर्गों की शिकायत होती है, पर यह युवाओं में भी देखने को मिल सकती है। 

आम तौर पर, यह समस्या ज्यादातर बुजुर्ग लोगों में देखने को मिल सकती है, जिनको अक्सर अपने यह कहते हुए जरूर सुना होगा, कि अब तो उनको देखने में भी बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है और आँखों के आगे एक दम से अँधेरा छा जाता है। आपकी जानकारी लिए आपको बता दें, कि इस तरह की स्थिति ज्यादातर तब उत्पन्न हो सकती है, जब वह ज्यादातर देर तक अपने सिर को झुकाकर रखते होंगे। वैसे तो, ज्यादातर लोग आंखों के आगे अचानक कालापन या फिर धुंधलापन छा जाने की समस्या को आम समझते हैं, पर बहुत बार यह एक व्यक्ति के शरीर में चल रहे गंभीर बदलावों का संकेत हो सकते हैं। जिसको नज़रअंदाज करना खतरे से खाली नहीं होता है। 

वैसे तो, आँखों के आगे कालापन छा जाने की समस्या के कई कारण हो सकते हैं, पर इसमें विशेष रूप से, ब्लड प्रेशर में अचानक गिरावट होना, शरीर में खून की कमी होना, डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन होना, ब्लड शुगर का अचानक से कम हो जाना और आंख के साथ -साथ दिमाग से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का होना जैसे कारण शामिल हो सकते हैं। दरअसल, इस पर डॉक्टर का कहना है, कि आँखों के आगे कालापन छा जाने की समस्या अगर आपको बार -बार परेशान करती हैं, तो इसे नज़रअंदाज करने की बजाए, आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में और गहराई से जानते हैं। 

  1. ब्लड प्रेशर में अचानक गिरावट होना 

आम तौर पर, जब एक व्यक्ति के शरीर में ब्लड प्रेशर में अचानक से गिरावट आती है, तो इससे दिमाग तक काफी मात्रा में खून नहीं पहुंच पाता है और थोड़े वक्त तक के लिए आँखों के आगे कालापन छा जाता है। दरअसल, इस पर डॉक्टर का कहना है, कि लो ब्लड प्रेशर या फिर पोस्टुरल हाइपोटेंशन इस तरह की समस्या का सबसे आम कारण हो सकता है। आम तौर पर, अगर इस तरह की समस्या आपको लगातार परेशान कर रही है, तो इस समस्या के समाधान के लिए आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। 

  1. डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन होना

दरअसल, गर्मी में काफी ज्यादा पसीना आने और पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन न करने की वजह से शरीर में फ्लूड और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन हो जाता है, जिसकी वजह से न केवल शरीर में ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है, बल्कि इससे आँखों के आगे कालापन छा जाता है। डॉक्टर के अनुसार, शरीर में पानी की कमी होने के कारण खून की मात्रा कम हो जाती हैं, जिसकी वजह से पीड़ित व्यक्ति के दिमाग में खून का प्रवाह काफी कम हो जाता है और थोड़े वक्त के लिए आँखों के आगे कालापन छा जाता है। दरअसल, गर्मियों में कसरत न करने पर इस तरह की समस्या होना आम बात होती है। 

  1. ब्लड शुगर का अचानक से कम होना

डायबिटीज से पीड़ित मरीजों या फिर लंबे वक्त तक कुछ भी न खाने वाले लोगों में ब्लड शुगर की अचानक कमी को देखा जा सकता है। दरअसल, इस समस्या की वजह से आंखों के आगे अंधेरा पन छा सकता है। डॉक्टर के अनुसार, हाइपोग्लाइसीमिया में शरीर को तुरंत ग्लूकोज नहीं मिल पाता है, जिसकी वजह से दिमाग और आंखों बुरी तरीके से प्रभावित हो जाती हैं। इसके मुख्य लक्षणों में, आँखों के आगे कालापन छाना, चक्कर आना, पसीना आना और हाथ-पैर कांपना शामिल होता है। इसके लिए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना महत्वपूर्ण होता है। 

  1. आंख और दिमाग से जुड़ी बीमारियां होना 

दरअसल, कुछ गंभीर डॉक्टरी स्थितियों के कारण भी एक व्यक्ति की आँखों के आगे अचानक से कालापन छा सकता है, जिसमें रेटिना डिटेचमेंट, माइग्रेन, ग्लूकोमा और न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर जैसी बीमारियां शामिल हो सकती हैं। दरअसल, इस मामले में डॉक्टरों का कहना है, कि अगर कालापन केवल एक आँख के आगे छाता है और इसके साथ -साथ आपकी आँख और सिर में तेज दर्द होता है, तो यह आँखों की बीमारी या फिर न्यूरोलॉजिकल समस्या का संकेत हो सकता है। जिसको नज़रअंदाज करने की बजाए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। 

निष्कर्ष: दरअसल, आंखों के आगे अचानक से कालापन या फिर धुंधलापन छा जाना एक आम समस्या है, पर कई बार यह शरीर में चल रहे गंभीर बदलाव का संकेत हो सकता है। आँखों के आगे कालापन रेटिना डिटेचमेंट, माइग्रेन और ग्लूकोमा जैसी समस्याओं के कारण हो सकता है। इसके अलावा, ब्लड प्रेशर में अचानक से गिरावट होना के कारण भी आंखों के आगे अंधेरा-पन छा सकता है। आम समझकर इस समस्या को नज़रअंदाज करना ठीक नहीं है, क्योंकि यह शरीर में कई बदलावों का संकेत हो सकता है। इसलिए इस की समय पर पहचान कर तुरंत इलाज करवाना महत्वपूर्ण होता है। लगातार चक्कर आने, बेहोश होने, सिर और सीने में तेज दर्द होने या फिर सांस लेने में दिक्कत होने पर आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने और आँखों से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही मित्रा आई हॉस्पिटल एंड लेसिक लेज़र सेंटर में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके इलाज के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।


Follow these steps to keep your eyes safe at office
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क्या पॉल्यूशन की वजह से आपकी भी आंखों में होता है दर्द? तो अपनाएं डॉक्टर के बताये ये 4 टिप्स

    January 20, 2026 837 Views

आज कई शहरों में लगातार पॉल्यूशन का स्तर बढ़ता हुआ नज़र आ रहा है, इससे न केवल लोगों की सेहत बुरी तरीके से प्रभावित हो रही है, बल्कि इससे आंखों को भी भारी नुक्सान झेलना पड़ रहा है। पॉल्यूशन में मौजूद धुंध, धुआं और प्रदूषित हवा के कारण लोगों को आंखों से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिसमें जलन, दर्द, सूजन और आंखों का लाल और पीला पड़ जाना शामिल होता है। इसके साथ ही कई बार आंखों पर रेडनेस भी आ जाती है। पॉल्यूशन के दौरान आंखों से जुड़ी इन समस्याओं से अपना बचाव करने के लिए आप कुछ टिप्स को अपना सकते हैं, जिसमें आंखों को हाइड्रेट रखना, आंखों की साफ़ सफाई रखना, नियमित आंखों की जांच करवाना आदि शामिल हो सकते हैं। आइये इस लेख में इसके बारे में और जानकारी लेते हैं। 

पॉल्यूशन में आंखों की देखभाल करने के टिप्स 

दरअसल, पॉल्यूशन में आँखें बुरी तरीके से प्रभावित हो जाती हैं, जिससे आंखों में जलन, दर्द और सूजन जैसी तरह -तरह की समस्याएं होने होने लग जाती हैं। पॉल्यूशन से अपनी आंखों को बचाने के लिए और रोजाना आंखों की देखभाल करने के लिए आप निम्नलिखित टिप्स को अपना सकते हैं, जैसे कि 

  1. आंखों को हाइड्रेट रखना 

दरअसल, वातावरण में बढ़ते पॉल्यूशन की वजह से आंखों में न केवल सूजन आती है, बल्कि इससे आंखों में दर्द और जलन जैसी समस्याएं भी काफी ज्यादा बढ़ जाती हैं। आंखों से जुड़ी इन समस्याओं से अपना बचाव करने के लिए आंखों को हाइड्रेट रखना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। दरअसल, अपनी आंखों को हाइड्रेट रखने के लिए आप आई ड्रॉप का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे आंखों को दर्द से काफी ज्यादा राहत प्राप्ति होती है। 

  1. आंखों की अच्छे तरीके से साफ़- सफाई रखना 

आम तौर पर, पॉल्यूशन से प्रभावित आंखों की अच्छे तरीके से साफ़ सफाई करना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है। दरअसल, इस बात को सभी जानते ही हैं, कि जब हमारी आँखें प्रदूषित हवा या फिर प्रदूषण के सम्पर्क में आती हैं, तो आंखों में बहुत से छोटे -छोटे धूल और प्रदूषण के कण चले जाते हैं, जिससे आंखों में कई तरह की समस्याएं होने लग जाती हैं। इस तरह की स्थिति उत्पन्न होने पर आप अपनी आंखों को साफ़ पानी से धो सकते हैं। दरअसल, ऐसा करने पर न केवल हमारी आँखें सेहतमंद बनी रहती हैं, बल्कि धूल और मिट्टी के कारण आंखों में होने वाले दर्द से भी छुटकारा मिलता है। हालांकि, रोजाना अपनी आंखों को साफ़ पानी से साफ़ करने पर इनमें होने वाली चिपचिपाहट भी काफी ज्यादा कम हो जाती है, इसलिए आंखों को सेहतमंद और समस्याओं से दूर रखने के लिए सुबह और शाम आंखों को साफ़ पानी से धोना बहुत ही ज्यादा लाभदायक सिद्ध होता है। 

  1. नियमित आंखों की जांच करवाना 

प्रदूषण के कारण हमारी आँखें काफी ज्यादा प्रभावित हो जाती हैं, जिसकी वजह से आंखों की नियमित रूप से जांच करवाना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है। दरअसल, जांच के दौरान आपकी आंखों में होने वाले छोटे से छोटे बदलावों को आसानी से पहचाना जा सकता है। आम तौर पर, इस तरह की स्थिति में अगर पॉल्यूशन या फिर किसी और चीज की वजह से आंखों में तकलीफ हो रही होगी, तो इससे उस का समय पर पता लग सकता है और इलाज हो सकता है। 

  1. एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करना 

हवा में पॉल्यूशन की मात्रा ज्यादा होने की वजह से घर के अंदर की हवा भी बुरी तरीके से प्रभावित हो जाती है। इस तरह की स्थिति में आपके लिए एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करना काफी ज्यादा लाभदायक सिद्ध हो सकता है। क्योंकि इससे घर की हवा काफी ज्यादा साफ़ और प्रदूषित रहत हो जाती है। दरअसल इससे आंखों को भी कोई नुकसान नहीं होता है। दरअसल, इससे न केवल पॉल्यूशन के प्रभाव को कम किया जा सकता है, बल्कि इससे आंखों में भी काफी सुधार देखने को मिलता है। 

निष्कर्ष: आँखें हमारे शरीर का सबसे कोमल और नाजुक अंग है। दुनिया की एक से एक खूबसूरत चीज को देखने के लिए जिसका उम्र भर सेहतमंद होना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। दरअसल, हमारी आँखें हर छोटी से छोटी चीज से काफी ज्यादा प्रभावित हो जाती हैं, जैसे कि हवा में उड़ने वाले धूल मिट्टी के कण और धुआँ। दरअसल, प्रदूषित हवा में कई सारे धुल और मिट्टी के कण मौजूद होते हैं, जिससे आंखों को तरह -तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसमें आंखों में जलन, दर्द, सूजन और कई बार आंखों पर रेडनेस जैसी समस्या होना शामिल होता है। प्रदूषण में रहने से आँखें बुरी तरीके से प्रभावित हो जाती हैं। इस तरह की स्थिति में अपनी आंखों को पॉल्यूशन से सुरक्षित रखने के लिए एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करना, अपनी आंखों को हाइड्रेटेड रखना और नियमित आंखों की साफ़ सफाई का ध्यान रखना जैसे टिप्स को अपना सकते हैं। इसके अलावा, अपनी आंखों को प्रदूषित हवा में मौजूद धूल मिट्टी के कणों से बचाने के लिए आंखों की नियमित जांच कराना भी जरूरी होता है। आंखों से जुड़ी गंभीर समस्या के लिए आप अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और आंखों से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही मित्रा आई एंड लेजर लेसिक सेंटर में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके समाधान के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।


what-are-the-3-reasons-why-your-eyes-might-twitch
Frequent eye blinking can signal eye strain or underlying health issues, so consult an eye specialist for proper diagnosis and treatment.
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किन 3 कारणों की वजह से फड़फड़ा सकती हैं आपकी आंखें? जाने डॉक्टर से

    January 6, 2026 1864 Views

दरअसल, आंखों से जुड़ी समस्याएं गंभीर भी हो सकती हैं और आम भी हो सकती हैं, जैसे कि आंखों का फड़कना। वैसे तो, आंखों का फड़कना जैसी समस्या बहुत आम होती है और ज्यादातर लोग इस तरह की समस्या को नजरअंदाज कर देते हैं। आम तौर पर, कई बार आपने यह जरूर महसूस किया होगा, कि आपकी आँखें काफी ज्यादा फड़क रही हैं। आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि दुनिया में कुछ लोगों का मानना है, कि इस तरह की समस्या का शुभ और अशुभ घटना होने का संकेत हो सकता है और वहीं कुछ लोगों का मानना है, कि यह केवल शरीर की एक जैविक क्रिया होती है, जो दर्द रहित होती है। पर इस तरह की स्थिति के दौरान क्या आप इस बात को जानते हैं, कि आंखों का फड़कना आपके शरीर में कुछ पोषक तत्वों की कमी का संकेत हो सकता है। दरअसल, डॉक्टरी तौर पर आंख फड़कने की इस तरह की स्थिति को मायोकिमिया के नाम से जाना जाता है। आम तौर पर, समस्या की इस स्थिति में पलक की मांसपेशियां बुरी तरीके से प्रभावित हो जाती। असल में, आंख फड़कने के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें मैग्नीशियम की कमी होना, काफी ज्यादा तनाव लेना, स्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल करना, बहुत ज्यादा कैफीन या फिर शराब का सेवन करना और सूखी आँखें या फिर एलर्जी होना जैसे प्रमुख कारण शामिल हो सकते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

किन कारणों की वजह से फड़फड़ाने लगती हैं आंखें?

  1. मैग्नीशियम की कमी

दरअसल, जिन लोगों को आंख फड़कने जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है, उनमें मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व की कमी हो सकती है। मैग्नीशियम मांसपेशियों के सिकुड़ने और नर्व फंक्शन को कंट्रोल करने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करता है। दरअसल, इस तरह की स्थिति में जब आपके शरीर में मैग्नीशियम की कमी होती है, तो उस दौरान आपकीआंखों की मांसपेशियां काफी ज्यादा एक्टिव हो जाती हैं, जिसकी वजह से आंख फड़कने जैसी स्थिति का अनुभव होने लग जाता है। आम तौर पर, शरीर में मैग्नीशियम की कमी होने पर थकान, ऐंठन, दिल की धड़कनों का अनियमित होना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। शरीर में इसकी कमी को पूरा करने के लिए पालक, बादाम, एवोकाडो, केले और साबुत अनाज जैसे पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल किया जा सकता है। 

  1. अधिक तनाव होना 

ज्यादातर, आंख फड़कने जैसी समस्या तब होती है, जब तनाव बहुत ज्यादा होता है। असल में, जब आप बहुत ज्यादा मानसिक तनाव में होते हैं, या फिर जब आप बहुत ज्यादा थका हुआ महसूस करते हैं, तो नर्वस सिस्टम कोर्टिसोल को छोड़ता है, जिसे तनाव हार्मोन भी कहा जाता है। दरअसल, इसकी वजह से चेहरे की नसें काफी ज्यादा एक्टिव हो जाती हैं और आँखें फड़कने लग जाती हैं। आम तौर पर, तनाव जैसी समस्या का समाधान करने के लिए आप रोजाना योग या फिर मेडिटेशन कर सकते हैं। 

  1. काफी ज्यादा कैफीन या फिर शराब का सेवन करना। 

दरअसल, आज के समय में ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं है, जो चाय या फिर शराब का सेवन न करता हो। लगभग सभी लोग आज के समय में चाय और शराब का सेवन करते हैं, क्योंकि इन का सेवन आज के समय में एक फैशन बन गया है। आम तौर पर, इस तरह की स्थिति में जो लोग ज्यादातर चाय या फिर शराब का सेवन करते हैं, उनमें आंख फड़कने जैसी स्थिति को देखा जा सकता है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि रोजाना ज्यादा शराब और कैफीन का सेवन करने से तंत्रिका तंत्र एक्टिव हो जाते हैं, जिसकी वजह से आंख फड़कने जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। 

निष्कर्ष: दरअसल, आंखों का फड़कना एक आम समस्या होती है, जिसका अनुभव अपनी जिंदगी में सभी लोगों को एक न एक दिन करना पड़ता है। कुछ लोगों के लिए यह शुभ और अशुभ घटना का संकेत हो सकता है, तो कुछ लोगों के लिए यह शरीर की एक जैविक क्रिया होती है। यह समस्या आम होने के साथ- साथ दर्द रहित भी होती है। वैसे तो आंख फड़करने के कई कारण होते हैं, पर इसमें मैग्नीशियम की कमी होना, काफी ज्यादा तनाव लेना, स्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल करना, बहुत ज्यादा कैफीन या फिर शराब का सेवन करना और सूखी आँखें या फिर एलर्जी होना जैसे कुछ प्रमुख कारण शामिल हो सकते हैं। ज्यादातर लोग इस समस्या को नजरअंदाज कर देते हैं, जो उन्हें बिलकुल भी नहीं करना चाहिए, क्योंकि आंख फड़कना शरीर में किसी पोषक तत्व की कमी का संकेत भी हो सकता है। इसलिए, इस तरह की समस्या का अनुभव होते ही आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, या फिर इसको कंट्रोल करने के तरीकों के बारे में डॉक्टर से जानना चाहिए। अगर आपको भी इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करनी है, या फिर अगर आपको भीआंखों में किसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है और आप इसका समाधान चाहते हैं, तो आप आज ही मित्रा आई हॉस्पिटल एंड लेसिक लेज़र सेंटर में जाकर इसके विशेष्ज्ञों से इसके बारे में जानकरी प्राप्त कर सकते हैं।


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Stressed man wearing glasses, experiencing eye strain or discomfort, visiting Mitra Eye Hospital for expert eye care and treatment.
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क्या सर्दियों में ये 3 फूड्स आंखों का चश्मा उतारने में कर सकते हैं सहायता? जाने डॉक्टर से

    January 1, 2026 1657 Views

दरअसल, अपनी आँखों को सेहतमंद रखने और सभी चीजों को अच्छी तरह देखने के लिए इन की उचित देखभाल करना बेहद महत्वपूर्ण होता है। आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि आँखों की देखभाल के कई तरीके हो सकते हैं, पर इन को सेहतमंद बनाए रखने में डाइट की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। आम तौर पर, उचित और पोषण से भरपूर आहार शरीर के साथ -साथ आंखों के स्वास्थ्य के लिए भी काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि हमारी रोजाना की खुराक से हमारी आँखें भी काफी ज्यादा प्रभावित होती हैं। इसलिए, रोजाना सही डाइट का चुनाव करना महत्वपूर्ण होता है। 

दरअसल, आज कल यह काफी ज्यादा देखने को मिलता है, कि छोटे-छोटे बच्चों को भी काफी जल्दी आँखों पर चश्मा लग जाता है। इसके साथ ही वहीं जो लोग ज्यादा समय तक कंप्यूटर, मोबाइल और लैपटॉप की स्क्रीन के आगे काम करते रहते हैं, दरअसल उनकी भी आंखें काफी ज्यादा कमजोर हो जाती हैं और जिसकी वजह से उन को चश्मा लग जाता है। आपको बता दें, कि डिजिटल गैजेट्स का काफी ज्यादा उपयोग आँखों पर दबाव डाल सकता है और इससे आँखें काफी ज्यादा कमजोर हो सकती हैं। 

दरअसल, इस तरह की स्थिति में, विशेष कर सर्दिओं के मोसम में अगर आप अपने खान-पान पर महत्वपूर्ण ध्यान देते हैं, तो इससे आपकी आँखें सेहतमंद रहने के साथ -साथ आँखों की रौशनी भी काफी ज्यादा बढ़ती है। ऐसे में, अब लोगों के मन में सवाल यह उठता है, कि आखिर सर्दियों के मौसम में, हम अपनी आँखों से चश्मा हटाने के लिए कौन से फूड्स को शामिल कर सकते हैं? तो दरअसल, सर्दियों के मौसम में, आँखों से चश्मा हटाने के लिए डाइट में गाजर, शकरकंद, आंवला, हरी पत्तेदार सब्जियां और पपीता जैसे फूड्स को शामिल किया जा सकता है। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

सर्दियों में ये फूड्स आंखों का चश्मा उतारने में मदद कर सकते हैं 

असल में, आँखों को सेहतमंद रखने के लिए हमारी रोजाना की डाइट एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। दरअसल, सर्दियों के मौसम में निम्नलिखित फूड्स का सेवन आँखों से चश्मा हटाने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान कर सकते हैं, जैसे कि 

  1. गाजर 

असल में, गाजर को आंखों के लिए सबसे अच्छा खाना माना जाता है, क्योंकि गाजर में विटामिन ए और बीटा कैरोटीन जैसे तत्व भरपुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो आँखों की रौशनी को बढ़ाते हैं, इसके साथ ही गाजर में मौजूद यह तत्व आंखों के सेल्स को स्वस्थ रखने में काफी ज्यादा मदद करते हैं। जिससे आपकी आँखें स्वस्थ और आपको चश्में की जरूरत नहीं पड़ेगी। 

  1. शकरकंद

दरअसल, सर्दियों के मौसम में बहुत से लोग भुनी हुई शकरकंद खाना काफी ज्यादा पसंद करते हैं, जो उनकी आँखों के लिए भी काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकती है। आम तौर पर, शकरकंद में पाए जाने वाले विटामिन सी और विटामिन ए जैसे तत्व आँखों के लिए बहुत ही ज्यादा लाभदायक सिद्ध होते हैं। 

  1. पपीता 

आम तौर पर, पपीता आँखों के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद होता है, क्योंकि इसमें विटामिन ए विटामिन सी के साथ -साथ विटामिन ई जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो आँखों के लिए बहुत ही ज्यादा लाभकारी साबित होते हैं। दरअसल, पपीता आँखों को धूप से होने वाले नुकसान से बचाता है और साथ ही, गैजेट्स से होने वाले आँखों के नुकसान को भी कम करने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करता है। 

निष्कर्ष: आँखों को सेहतमंद रखने के लिए आँखों की उचित देखभाल करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण है। आँखों की सेहत को बनाए रखने के लिए सही डाइट का चुनाव करना भी जरूरी होता है। सर्दियों के मौसम में तो अपनी आंखों का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि इन दिनों ठंडी, सूखी हवा आँखों की नमी छीन लेती है, जिसकी वजह से आँखों में सूखापन, जलन और खुजली जैसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। इसके साथ ही, लैपटॉप, मोबाइल और दूसरे गैजेट्स का इस्तेमाल करने से आंखें समय से पहले कमजोर हो जाती हैं। जिसकी वजह से आँखों पर चश्मा लग जाता है। दरअसल, इस तरह की समस्या से बचने के लिए आप सर्दियों के मौसम में अपनी डाइट में, गाजर, शकरकंद, आंवला, हरी पत्तेदार सब्जियां और पपीता जैसे फूड्स को शामिल कर सकते हैं। दरअसल, यह फूड्स आँखों में होने वाली समस्याओं को काफी हद तक कम करते हैं और आँखों पर लगे चश्मे को भी उतारने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करते हैं। अगर, इन सब का सेवन करने के बावजूद भी आपकी आँखों की समस्याएं कम नहीं हो रही हैं, तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। अगर आपको भी इसके बारे में ज्यादा जानकारी या फिर अगर आपको भी आँखों से जुडी कोई समस्या है, जिसका आप समाधान चाहते हैं, तो आप आज ही मित्रा आई हॉस्पिटल एंड लेसिक लेज़र सेंटर में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों से इस के इलाज के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।


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क्या आंखों में धूल जाने से हो सकते हैं ये 4 नुकसान, जानें डॉक्टर से

    December 4, 2025 2341 Views

दरअसल, आँखें शरीर के मुख्य अंगों में से एक होती हैं। आँखें हमको कुछ भी देखने में काफी ज्यादा सहायता करती हैं। जिन्दगी जीने के लिए आंखों की काफी ज्यादा जरूरत होती है। इसलिए अपनी आंखों का ध्यान रखना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है। यह बात सच है, कि आँखें हमको दुनिया की खूबसूरती से रूबरू कराती हैं। पर आज के समय में लोगों में आंखों से जुड़ी कई तरह की समस्याओं को देखा जाता है। बहुत बार यह देखा जाता है, कि प्रदूषण के संपर्क में आने से आंखों में धूल-मिट्टी चली जाती है, जिसकी वजह से स्वास्थ्य से जुड़ी कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। असल में, आंखों में धूल-मिट्टी जाने से एक व्यक्ति की आंखों को बहुत नुकसान हो सकता है, जैसे धुंधला दिखना, आंखों में खुजली, एलर्जी, लालिमा और आंखों में जलन होना आदि। इसके साथ ही, आंखों में धूल और गंदगी जाने से आंखों में एलर्जी के साथ-साथ व्यक्ति को कुछ भी देखने में काफी ज्यादा दिक्कत हो सकती है। आपको बता दें, कि ऐसी स्थितियों को नजरअंदाज करना बहुत नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए इसके इलाज के लिए आप कुछ घरेलू नुस्खों या फिर तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।

आंखों में धूल-मिट्टी जाने पर आंखों को क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं?

  1. आंखों में लालिमा 

आपको बता दें, कि प्रदूषण या फिर हवा में मौजूद हानिकारक कण और धूल-मिट्टी आंखों में सूजन पैदा करते हैं, जिसके कारण आंखों में लालिमा जैसी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। इसलिए, अगर आपको इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, तो अपनी आंखों को साफ़ करने की कोशिश करें, आंखों से धूल-मिट्टी को हटाएँ। 

  1. धुंधला दिखाई देना 

दरअसल, जब धूल और गंदगी आंखों में चली जाती है, तो आंखों में नमी की कमी बहुत ज्यादा हो जाती है, जिससे आंखों में धुंधलापन या फिर देखने में दिक्कत की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। अगर आपके साथ ऐसा कई दिनों तक होता है, तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। 

  1. आंखों में खुजली होना

दरअसल, आंखों में खुजली होने का एक बहुत बड़ा कारण, आंखों में जाने वाली धुल मिटी हो सकती है। आंखों में जाने वाली धूल मिट्टी न केवल आंखों में खुजली का कारण बनती है, बल्कि इससे आंखों के टिशू पर भी बहुत बुरा असर पड़ता है। इस तरह की स्थिति उत्पन्न होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना महत्वपूर्ण हो सकता है। 

  1. आंखों में एलर्जी होना

आंखों में धुल मिट्टी पड़ने पर इसको कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि आंखों में गंदगी और धूल जाने की वजह से आई लाइन्स और पलकों पर काफी ज्यादा बुरा असर पड़ता है, जिसकी वजह से आंखों में एलर्जी और एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस जैसी समस्या भी हो सकती है। 

निष्कर्ष : आँखें हमको दुनिया की खूबसूरती से रूबरू कराती हैं। शरीर के जरूरी अंगों में से एक होने के नाते, आंखों का ध्यान रखना बहुत ही जरूरी होता है। आंखों में धूल -मिट्टी जाना कोई बड़ी चिंता की बात नहीं होती है, पर इसे नजरअंदाज करना कई मामलों में आंखों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इससे आंखों को कई तरह के नुकसान हो सकते हैं। इसलिए, इस तरह की स्थिति उत्पन्न होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी होता है। अगर आपकी भी आंखों में धूल मिट्टी जाने से या फिर किसी और कारण की वजह से आंखों में कोई समस्या हो गयी है और आप इसका समाधान चाहते हैं, तो आप आज ही मित्रा आई हॉस्पिटल एंड लेसिक लेज़र सेंटर में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों से इस के इलाज के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते हैं 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल 

प्रश्न 1. क्या आंखों में धूल-मिट्टी जाना एक चिंताजनक विषय हो सकता है?

दरअसल, आंखों में धूल-मिट्टी जाना कोई बहुत बड़ी चिंता की बात नहीं होती है, पर इसको नजरअंदाज करने पर आंखों को कई तरह के नुकसान हो सकते हैं। 

प्रश्न 2. क्या धूल-मिट्टी आंखों को नुकसान पहुंचा सकती है?

दरअसल, हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, हवा में मौजूद दूषित कण कॉर्निया को बुरी तरह प्रभावित कर सकते हैं, जिससे कि आंखों में खुजली और दिखाई देना बंद हो सकता है।


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डायबिटीज में आंखों की समस्याओं को कम करने के लिए, डॉक्टर के बताए ये 4 टिप्स अपनाएं, कम होगा खतरा

    November 26, 2025 6422 Views

आज के समय में कई ऐसी समस्याएं हैं, जो तेजी से लोगों में फैल रही हैं। आपको बता दें कि डायबिटीज जैसी गंभीर समस्या इन दिनों तेजी से लोगों में फैल रही है। दरअसल, लोगों में डायबिटीज जैसी समस्या होना काफी ज्यादा आम है, इसलिए आज के समय में बहुत से लोग इस तरह की समस्या से जूझ रहे हैं। आम तौर पर, लोगों में डायबिटीज जैसी समस्या कई कारणों की वजह से हो सकती है, जिसमें पोषक तत्वों की कमी, खराब लाइफस्टाइल, काफी ज्यादा मीठे का सेवन करना और तनाव शामिल हो सकता है। इसके साथ ही, इस तरह की समस्या होने पर लोगों को कई तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं, आम तौर पर, जिसमें बार-बार पेशाब आना, ज्यादा प्यास लगना और एक व्यक्ति को काफी ज्यादा भूख लगना आदि शामिल हैं। 

आपको बता दें, कि डायबिटीज जैसी समस्या होने पर एक व्यक्ति को अपने ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखने की काफी ज्यादा जरूरत होती है। आम तौर पर, जब इसे बिना कंट्रोल किए और बिना इलाज के ऐसे ही छोड़ दिया जाता है, तो यह अपनी आँखों सहित शरीर के अलग-अलग हिस्सों को काफी ज्यादा प्रभावित कर सकती है। दरअसल, इस बात को सभी जानते हैं, कि डायबिटीज से जूझ रहे ज्यादातर लोगों को रेटिना से जुड़ी समस्याएं होती हैं। जिसका उसको अकेले ही सामना करना पड़ता है। आम तौर पर, अगर समय रहते डायबिटीज जैसी समस्या पर ध्यान नहीं दिया जाता है, तो इससे आँखों की रौशनी भी प्रभावित हो सकती है। ऐसे में आँखों का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। दरअसल, डायबिटीज जैसी समस्या में कुछ आसान टिप्स को अपनाकर आँखों के नुकसान को कम किया जा सकता है। तो आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं, कि डायबिटीज में आंखों से जुड़ी समस्याओं को कम करने के लिए किन टिप्स को अपनाया जा सकता है?

डायबिटीज में आंखों की समस्याओं को कम करने के लिए टिप्स 

  1. घर पर ब्लड शुगर की जांच करें

आम तौर पर, अगर आपको डायबिटीज समस्या है, तो इस तरह की स्थिति में, आपको अपना ब्लड शुगर बहुत ज्यादा नहीं बढ़ने देना चाहिए। दरअसल, इस तरह की स्थिति उत्पन्न होने पर, आप अपने घर पर ही किट से नियमित ब्लड शुगर की जांच करें। दरअसल, ऐसा करने पर आप आसानी से अपने ब्लड शुगर का पता लगा सकते हैं और ब्लड शुगर ज्यादा होने पर आप तुरंत डॉक्टर के साथ संपर्क कर सकते हैं। 

  1. सीधी धूप से दूर रहें 

असल में, डायबिटीज जैसी समस्या होने पर, अपनी आँखों की देखभाल करते वक्त इस बात का ध्यान रखना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है, कि इस तरह की स्थिति में आँखों पर सीधी धूप बिल्कुल भी न पड़ें। इसके साथ ही धूप को अपनी नंगी आंखों से न देखें, इसके लिए आप अपनी आँखों पर सनग्लास जरूर पहनें। 

  1. हेल्दी डाइट अपनाएं 

डायबिटीज जैसी समस्या में, सेहतमंद खुराक एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आम तौर पर, इसके साथ ही ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने के लिए या फिर उसको कंट्रोल में रखने के लिए अपनी डाइट में, साबुत अनाज, हरी सब्जियां और नट्स जैसे सेहतमंद फ़ूडस को शामिल करना काफी ज्यादा लाभदायक सिद्ध होता है। दरअसल, इस दौरान इस तरह की डाइट का सेवन करना काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। इससे ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल होगा। 

  1. अपनी आंखों की नियमित जांच करवाएं

आपको बता दें, कि डायबिटीज जैसी गंभीर समस्या में, अपनी आंखों को समस्याओं से बचाने के लिए, अपनी आंखों की नियमित जांच करवाना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। आम तौर पर, ऐसा करने पर आप समय से पहले अपनी आँखों से जुड़ी समस्याओं का पता कर पाएंगे और कई तरह की गंभीर समस्याओं से अपनी आंखों को बचा पाएंगे। 

निष्कर्ष

लोगों में डायबिटीज जैसी समस्या होना काफी ज्यादा आम है, इसलिए आज के समय में बहुत से लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं। लोगों में डायबिटीज जैसी समस्या के कई  कारण भी हो सकते हैं और इसके कई लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। इसे बिना कंट्रोल किए और बिना इलाज किये ऐसे ही छोड़ने पर, यह आँखों सहित शरीर के अलग- अलग हिस्सों को काफी ज्यादा प्रभावित कर सकती है। डायबिटीज से जूझ रहे ज्यादातर लोगों को रेटिना से जुड़ी समस्याएं हो जाती है, इसलिए इस तरह की स्थिति में, आंखों का ध्यान रखना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है। डायबिटीज में आंखों से जुड़ी समस्याओं को कम करने के लिए घर पर ही ब्लड शुगर की जांच करने, सीधी धूप से आँखों को दूर रखने, हेल्दी डाइट को अपनानें और अपनी आंखों की नियमित जांच कराने जैसे टिप्स को फॉलो कर सकते हैं। हालांकि, इन टिप्स को फॉलो करने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। अगर आपको भी इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करनी है और अगर आपको भी डायबिटीज जैसी समस्या के कारण आँखों में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और आप इसका समाधान चाहते हैं, तो आप आज ही मित्रा आई हॉस्पिटल में जाकर अपनी अपोइंटमेरंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।


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उमस बन सकता है आंखों में थकान का कारण, डॉक्टर से जानें इससे बचाव के 5 टिप्स

    November 20, 2025 6743 Views

ऐसे कई कारण हैं, जिसकी वजह से लोगों की आंखों में कोई न कोई समस्या बनी रहती है। इसी तरह उमस (ह्यूमिडिटी) की वजह से आंखों में थकान जैसी समस्या बनी रहती है। आपको बता दें, कि विशेष रूप से यह समस्या मानसून या फिर उमस भरे मौसम में होती है। दरअसल, उमस भरे वातावरण की हवा में नमी की मात्रा काफी ज्यादा होती है, जिसकी वजह से हमारे शरीर और हमारी आंखों पर बहुत सारे बुरे प्रभाव पड़ते हैं। आपको बता दें, कि उमस भरे मौसम में, इसकी हवा में मौजूद धूल, धुआं और प्रदूषण के कण हमारी आंखों में चिपक जाते हैं, जिसकी वजह से आंखों में जलन, खुजली और सूखापन जैसी कई तरह की समस्याएं होने लग जाती हैं। दरअसल, इस तरह की समस्याएं आंखों में होने वाली थकान का मुख्य कारण बनती हैं। आम तौर पर, इस तरह की स्थिति में हमारी आंखें बार-बार पलकों को झपकाती हैं, जिसकी वजह से आंखों में तनाव और थकान जैसी समस्याओं का अनुभव होता है। दरअसल, कुछ उपायों को अपनाकर, इस तरह की स्थिति से अपनी आंखों को बचाया जा सकता है। तो आइये इस लेख के माध्यम से इसके डॉक्टर से इसके बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं, कि वह कौन से उपाय हैं, जिनकी सहायता से, उमस भरे मौसम में अपनी आंखों को होने वाली थकान से बचाया जा सकता है?

उमस भरे मौसम में आंखों की थकान से बचने के 5 टिप्स 

  1. पानी का सेवन करें

दरअसल, हमारे शरीर से काफी ज्‍यादा पसीना निकलने की वजह से शरीर में डिहाइड्रेशन की संभावना काफी ज्यादा बढ़ जाती है। आम तौर पर, शरीर में पानी की कमी होने के कारण आंखों की सतह सूख जाती हैं, जिसकी वजह से ज्यादातर लोगों को आंखों में खुश्की और थकान जैसी समस्या का अनुभव होने लग जाता है।

  1. स्‍क्रीन टाइम कम करें

आम तौर पर, उमस भरे मौसम में ज्यादातर लोग अपने घर या फिर ऑफिस में ही रहते हैं, जिसमें वो ज्यादातर कंप्यूटर और मोबाइल की स्क्रीन के सामने अपने काफी समय को बतीत करते हैं। दरअसल, आंखों पर पड़ने वाली स्क्रीन की रोशनी और लम्बे वक्त तक इस स्क्रीन को देखते रहने से आंखों में थकान जैसी समस्या काफी ज्यादा बढ़ जाती है। एक तो पहले ही आपकी आँखें उमस भरे मौसम की वजह से थक जाती हैं और दूसरा वह स्क्रीन के संपर्क में आकर और भी ज्यादा थक जाती हैं, तो आंखों में होने वाली थकान से छुटकारा पाने के लिए आप आपने स्क्रीन टाइम को कम करें और इस दौरान 20-20-20 नियम का पालन करें। ये आपकी आंखों को होने वाली थकान से बचाएगा। 

  1. नींद पूरी करें

आपको बता दें, कि गर्मी और नमी वाले मौसम की वजह से शरीर को पूरा आराम नहीं मिल पाता है, तो इस तरह की स्थिति में नींद की गुणवत्ता पर बहुत असर पड़ता है। नींद की कमी आंखों में थकान जैसी समस्या का उत्पादन करती है, क्योंकि पूरी नींद न मिलने पर आंखों की मांसपेशियां काफी ज्यादा कमजोर हो जाती हैं। 

  1. आंखों को ठंडे पानी से धोएं

अपनी आंखों को थकान, खुजली और जलन जैसी समस्याओं से दूर रखने के एक लिए, रोजाना अपनी आंखों को ठंडे पानी से धोएं। इसके लिए, आप रोजाना सुबह उठकर 6 से 7 बार अपनी आंखों पर ठंडे पानी के छींटों को मारें। उमस जैसी स्थिति में आंखों की देखभाल करना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है, ताकि इस दौरान अपनी आंखों को थकान जैसी समस्या से बचाया जा सके। 

  1. सेहतमंद डाइट को अपनाएं 

दरअसल, विटामिन-ए, सी और ई से भरपूर आहार आंखों की सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं। इसके इलावा, गाजर, पालक, बादाम, फल और सब्जियां भी आंखों की सेहत के लिए बढ़िया होती हैं। आंखों को सही पोषण प्राप्त होने पर, उमस भरे मौसम में भी आंखों की मांसपेशियां मजबूत रहती है और आंखों में थकान की समस्या भी कम हो जाती है। 

निष्कर्ष

उमस (ह्यूमिडिटी) की वजह से आंखों में थकान जैसी समस्या बनी रहती है। विशेष रूप से इस तरह की समस्या मानसून या फिर उमस भरे मौसम में होती है। उमस भरे वातावरण की हवा में मौजूद धूल, धुआं और प्रदूषण के कण आंखों पर चिपक जाते हैं, जिससे, आंखों में जलन, खुजली और सूखापन जैसी समस्याएं होने लगती है और यह समस्याएं आंखों में होने वाली थकान का मुख्य कारण बनती हैं। इस तरह की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप ऊपर बताए गए टिप्स को अपना सकते हैं। अगर आपको भी आंखों में थकान या फिर आंखों से जुड़ी किसी भी तरह की कोई समस्या है और आप इस समस्या का समाधान चाहते हैं, तो आप आजा ही मित्रा आई हॉस्पिटल एंड लेसिक लेज़र सेंटर में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके बारे में जानकारी ले सकते हैं।


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वह कौन से संकेत हैं, जो बताते हैं कि आपको चश्मा पहनना चाहिए? डॉक्टर से जानें

    November 16, 2025 5611 Views

आज के समय में कई लोगों को आँखों से जुडी कई तरह की समस्यायों का सामना करना पड़ता है। घर और ऑफिस की कई जिमेदाईओं के चलते लोगों को तनाव का सामना करना पड़ता है, जिसकी वजह से आँखों से जुडी समस्याएं भी हो सकती हैं, क्योंकि दिन भर आँखें खुली रहती हैं और सारा दिन काम करती हैं, जिसकी वजह से आँखें काफी ज्यादा प्रभावित हो जाती है। इसके साथ ही आँखों से जुडी समस्या किसी को भी हो सकती है, इसमें बच्चे, जवान बड़े सभी शामिल होते हैं। आज के समय में सभी लोग आंखों पर चश्मा लगा कर रखते हैं। आपको बता दें कि आँखों से सही से न दिखने की समस्या किसी भी वर्ग के लोगों को हो सकती है। आम तौर पर, एक यही कारण है, कि कई बार छोटी उम्र में ही बच्चों को चश्मा लग जाता है, क्योंकि आँखों में समस्या होने के कारण वह चीजों को सही से नहीं देख पाते हैं। हालांकि, बहुत से लोग चश्मा तब पहनते हैं, जब उनकी नज़र कमज़ोर हो जाती है, या फिर उन की नजर खराब हो जाती है। इसके साथ ही, बहुत से लोग ऐसे भी होते हैं, जो सिर्फ़ अच्छा दिखने के लिए चश्मे को फ़ैशन के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। दरअसल, क्या आपने कभी इसके बारे में सोचा है, कि लोगों को कैसे पता चलता है, कि उनको चश्में की काफी ज्यादा जरूरत है? आम तौर पर, अगर आपको इसके बारे में नहीं पता है, तो आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं, कि आखिर वह कौन से संकेत हैं, जिससे एक व्यक्ति यह समझ सकता है, कि उस को चश्में की काफी ज्यादा जरूरत है। 

चश्मा किस तरीके से काम करता है?

दरअसल, लोगों को चश्मा लगाने की जरूरत कब हो सकती है, इसके बारे में जानकारी प्राप्त करने से पहले आपको यह पता होना बहुत ही ज्यादा जरूरी है, कि एक चस्मा किस तरीके से काम करता है। आपको बता दें, कि चश्मा एक तरीके से ऑप्टिकल डिवाइस की तरह होता है, जो लोगों की कमजोर नज़र को बेहतर बनाने का काम करता है। दरअसल, यह हमारी आँखों के बिलकुल सामने रहता है, जो किसी भी तरह की खराब रौशनी को आँखों में आने से पहले ही उसको मोड़ देता है। इन चश्मों की मदद से इंसान साफ देख सकता है।

कैसे पता चलता है, कि आपको चश्मे की जरूरत है?

दरअसल, कॉर्निया या लेंस से जुड़ी रिफ्रैक्टिव गलतीयां एक खराब नज़र का प्रमुख कारण बन सकती हैं। हालांकि, हाइपरोपिया, दृष्टिवैषम्य और मायोपिया जैसी आँखों से जुड़ी समस्याओं को लेंस पहनकर या फिर सर्जिकल ट्रीटमेंट की मदद से ठीक किया जा सकता है। कुछ ऐसे संकेत जो आपको बता सकते हैं, कि आपको चश्मे की जरूरत हो सकती है, उनमें शामिल है, जैसे कि 

  1. धुंधली नज़र की समस्या होना। 
  2. डबल विजन की समस्या
  3. ज्यादातर, सिरदर्द की समस्या होना। 
  4. चमकदार रोशनी में अजीब से पैटर्न्स दिखना। 
  5. आंखों में तनाव महसूस होना। 
  6. रात के समय देखने और गाड़ी ड्राइव करने में परेशानी होना। 
  7. किसी भी चीज को साफ देखने के लिए आंखों को सिकोड़ना।

निष्कर्ष

आज के समय में कई लोगों को आँखों से जुडी कई तरह की समस्यायों का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं के कारण सभी लोग आंखों पर चश्मा लगा कर रखते हैं। बहुत से लोग चश्मा तब पहनते हैं, जब उनकी नज़र कमज़ोर हो जाती है, या फिर उन की नजर खराब हो जाती है। आजकल डिजिटल और मोबाइल के चलते बच्चों की आँखें काफी ज्यादा प्रभावित होती हैं, जिससे कई बार छोटी उम्र में ही बच्चों को चश्मा लग जाता है, क्योंकि आँखों में समस्या होने के कारण वह चीजों को सही से नहीं देख पाते हैं। कॉर्निया या लेंस से जुड़ी रिफ्रैक्टिव गलतीयां एक खराब नज़र का प्रमुख कारण बन सकती हैं। धुंधली नज़र की समस्या, डबल विजन की समस्या, ज्यादातर, सिरदर्द की समस्या, चमकदार रोशनी में अजीब से पैटर्न्स दिखना और आंखों में तनाव महसूस होना आदि जैसे संकेत मिलने पर आपको चश्मे की जरूरत हो सकती है। इस तरह की स्थिति में आपको किसी अनुभवी डॉक्टर से आंखों की जांच करवानी चाहिए। अगर आपको भी इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करनी है, या फिर अगर आपको भी आँखों से संबंधित किसी भी तरह की कोई समस्या है और आप इसका इलाज चाहते हैं, तो आप आज ही मित्रा आई हॉस्पिटल जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके बारे में इसके विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।


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सुबह-सुबह उठते ही आंखें हो जाती हैं ड्राई, डॉक्टर से जानें कारण और बचाव के तरीके

    November 10, 2025 4353 Views

आज के समय में लोगों को कई तरह की समस्यायों का सामना करना पड़ता है, फिर चाहे वो आंखों से जुडी कोई समस्या क्यों न हो। दरअसल, आज के दौर में लोगों की जिम्मेदारीयां इतनी ज्यादा बढ़ गई हैं, कि लोग अपनी आंखों का ठीक से ख्याल भी नहीं रख पाते और इस तरह की स्थिति में कई लोगों को सुबह उठते ही आंखों में सूखापन जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। आपको बता दें कि इस तरह की समस्या तब उत्पन्न होती है, जब आंखें पर्याप्त आँसुओं को नहीं बनाती या फिर उत्पन्न हुए आँसू बहुत जल्दी सूख जाते हैं। आम तौर पर, सुखी आँखें एक आम समस्या होती है, जो रात के समय में पैदा होने वाली लैगोफथाल्मोस जैसी स्वास्थ्य स्थितियों की वजह से उत्पन्न होती है। दरअसल, इस तरह की समस्या की वजह से आंखों में दर्द, लालिमा और जलन जैसी समस्या का उत्पादन हो सकता है। तो आइये, इस तरह की स्थिति में, इस लेख के माध्यम से इसके डॉक्टर स इसके बारे में जानकारी परपर करते हैं, कि एक व्यक्ति को सुबह से समय, उठते ही आंखों में सूखापन होना जैसी समस्या का क्यों सामना करना पड़ता है और इस तरह की समस्या से बचने के लिए क्या किया जा सकता है? 

सुबह के समय ड्राई आंखों के आम कारण

आम तौर पर, इसके आम कारणों में शामिल हैं, जैसे कि 

  1. नींद की कमी होना : कुछ लोगों को नींद की कमी के कारण आंखों में सूखापन हो सकता है। 
  2. वातावरणीय कारक: ड्राई वातावरण में रहना, जैसे कि एक व्यक्ति के हवा या धूल भरे वातावरण में रहने की वजह से आंखों में सूखापन महसूस हो सकता है। 
  3. कंप्यूटर या मोबाइल का इस्तेमाल: आंखों में, सूखेपन की समस्या लंबे समय तक कंप्यूटर या फिर मोबाइल आदि का इस्तेमाल करने से भी हो सकती है। 
  4. कॉन्टैक्ट लेंस का इस्तेमाल: लगातार कॉन्टैक्ट लेंस का इस्तेमाल भी आंखों को ड्राई कर सकता है। 
  5. आंखों से जुड़ी समस्याएं: ड्राई आई सिंड्रोम, ब्लेफेराइटिस, या मेबोमियन ग्लैंड डिसफंक्शन, जैसी समस्याएं जो आंखों से जुडी हुई होती हैं, इनकी वजह से भी आंखों में सूखापन की समस्या हो सकती है। 

सूखी आंखों के अन्य कारण?

  1. रात के समय सोते वक्त अपनी आंखों की पलकों को अच्छे तरीके से बंद न कर पाना। 
  2. आँसुओं की अपर्याप्त गुणवत्ता का होना। 
  3. आँसुओं का अपर्याप्त उत्पादन होना 
  4. आंखों से जुड़ी किसी भी तरह की कोई एलर्जी होना। 
  5. सोते वक्त कॉन्टैक्ट लेंस को पहनना

सुबह के समय सूखी आंखों से बचने के उपाय तरीके 

  1. आई ड्रॉप: सुबह के समय सूखी आंखों से बचाव के लिए, आप आई ड्रॉप का उपयोग कर सकते हैं। दरअसल, आई ड्रॉप आंखों में चिकनाई को बनाये रखने में सहायता प्रदान करता है। 
  2. गर्म सेक: आंखों में सूखापन जैसी समस्या से छुटकारा पाने के लिए, आप आंखों पर गर्म सेक लगा सकते हैं। आम तौर पर, गर्म सेक आंखों में तेल पैदा करने वाली ग्लैंड्स को खोलता है। इस का इस्तेमाल करने के लिए आप एक साफ़ कपड़े को गर्म पानी में भिगोएं और इसके बाद अपनी आंखों को बंद करके इसे आराम -आराम से अपनी आंखों पर लगाएं। 
  3. पलकें धोना: अपनी पलकों की सूजन को बेहतर करने के लिए, अपनी आंखों को बंद करके और आंखों की पलकों के आधार पर, आराम आराम से मालिश करें। आम तौर पर, इसके लिए गर्म पानी और बेबी शैम्पू जैसे हल्के साबुन का उपयोग किया जा सकता है। 
  4. ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल: दरअसल, आप घर के अंदर की ड्राई हवा में नमी को लाने के लिए ह्यूमिडिफायर का उपयोग कर सकते हैं। आम तौर पर, आंखों में सूखेपन की समस्या को रोकने के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है, खासकर सर्दियों के मौसम में। 

निष्कर्ष:

ज्यादातर लोगों को सुबह उठते ही आंखों में सूखापन की समस्या का सामना करना पड़त है। सुखी आँखें एक आम समस्या है, जो रात में पैदा होने वाली लैगोफथाल्मोस जैसी स्वास्थ्य स्थितियों के कारण हो सकती है। इसकी वजह से आंखों में दर्द, लालिमा और जलन जैसी समस्या हो सकती है। सुबह के समय ड्राई आंखों के आम कारणों में शामिल हैं, जैसे कि नींद की कमी होना, वातावरणीय कारक और कंप्यूटर या मोबाइल का इस्तेमाल करना आदि। इस समस्या से बचाव के लिए, आई ड्रॉप, गर्म सेक, पलकें धोना, और ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करना, जैसे तरीकों को अपनाया जा सकता है। आंखों में सूखापन की समस्या ज्यादा गंभीर होने पर आप अपने डॉक्टर से सम्पर्क कर सकते हैं। अगर आपको भी आंखों से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या है, जिसकी वजह से आप परेशान रहते हैं और इस का इलाज चाहते हैं, तो आप आज ही मित्रा आई हॉस्पिटल में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके बारे में जानकारी ले सकते हैं।


Follow these steps to keep your eyes safe at office
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ऑफिस में अपनी आँखों को सुरक्षित रखने के लिए, इन सुझावों का पालन करें

    November 6, 2025 3971 Views

सोने के बाद हम अपने जागने का ज्यादातर समय ऑफिस में बिताते हैं और आज के समय में बिना डिजिटल डिवाइस के किसी के लिए भी काम करना बहुत मुश्किल हो गया है। इसलिए ऑफिस में काम करने के लिए कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल या टैबलेट का काफी इस्तेमाल किया जाता है। ऑफिस में 9 घंटे काम करने के दौरान लोग अपना ज्यादातर समय स्क्रीन पर बिताते हैं, जिससे आंखों पर काफी दबाव पड़ता है और इससे आंखों में जलन, सिरदर्द, धुंधला दिखाई देना और आंखों में दर्द जैसी समस्याएं होने लगती हैं। जबकि, हम अपने स्वास्थ्य का अच्छे तरीके से ख्याल रखने के महत्व को समझते हैं और हर दिन अपने शरीर पर ज्यादा ध्यान देने का संकल्प लेते हैं। लेकिन समय की कमी के कारण हमारे सारे संकल्प ऑफिस की खिड़की से बाहर फेंक दिए जाते हैं और हमें ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऑफिस में अपनी आंखों को सुरक्षित रखना बहुत जरूरी है, वो कैसे? तो आइये इस लेख के माध्यम से, इसके डॉक्टर से इसके सुझावों के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं। 

ऑफिस में आंखों को सुरक्षित रखने के टिप्स

डॉक्टर के अनुसार, ज्यादातर लोगों का समय कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल स्क्रीन पर गुजरता है, जिससे आंखों में जलन, रेडनेस, और दर्द होने लगता है। ऑफिस में अपनी आँखों की सुरक्षा के लिए, इन टिप्स का पालन किया जा सकता है। 

  1. स्क्रीन से सही दूरी बनाए रखें

ऑफिस में या घर पर कंप्यूटर या लैपटॉप पर काम करते समय, स्क्रीन को आपकी आंखों से लगभग 20 से 24 इंच की दूरी पर होना चाहिए, यह दूरी आमतौर पर आंखों पर पड़ने वाले तनाव और इससे होने वाली समस्या को दूर करने में मदद करती है। 

  1. 20-20-20 नियम का पालन करें

ऑफिस में अपनी आँखों की सुरक्षा के लिए, आप रोजाना 20-20-20 नियम का पालन कर सकते हैं। इस नियम का पालन करने से आंखों की मांसपेशियों को आराम और आँखें तरोताजा महसूस करती हैं। इस नियम में, आपको हर 20 मिनट के बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट की दूरी पर रखी किसी भी चीज को देखना होता है। 

  1. ऑफिस की रोशनी पर ध्यान दें

अपनी कंप्यूटर स्क्रीन को रौशनी के स्रोतों और खिड़कियों से दूर रखें, ताकि मॉनिटर स्क्रीन पर कोई रौशनी न पड़े, क्योंकि कंप्यूटर स्क्रीन पर पड़ने वाली रोशनी आपकी आँखों की सेहत को सीधा प्रभावित कर सकती है। इसके साथ ही, ऑफिस में बहुत ज्यादा या बहुत कम रोशनी भी आपकी आंखों के लिए हानिकारक हो सकती है। इसलिए, आप ज्यादातर कोशिश करें कि ऑफिस की नेचुरल रोशनी में ही रहे। इसके अलावा, आप एंटी-ग्लेयर चश्मा पहन सकते हैं, जो आपकी आँखों की सुरक्षा करता है। 

निष्कर्ष: 

आज के समय में, ज्यादातर लोगों को आँखों से जुडी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जैसे कि रोज़ाना आँखों में दर्द, लालिमा का बढ़ना, सूखापन, आँखों से पानी आना और आँखों में जलन होना आदि। इस तरह की समस्या इस लिए बढ़ रहीं क्योंकि, आजकल लोग ज़्यदातर ऑफिस और घर में बिना डिजिटल डिवाइस के किसी के लिए भी काम नहीं कर सकते हैं, इसलिए वह ज्यादातर समय कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल या टैबलेट की स्क्रीन पर ही बिताते हैं। इसलिए, चाहे घर पर हों या ऑफिस में स्क्रीन पर काम करने के दौरान आंखों की उचित देखभाल करना उतना ही जरूरी होता है, जितना कि अपने शरीर के अन्य अंगों की देखभाल करना। इसलिए, ऑफिस में काम करते समय थोड़ी सी सावधानी और अच्छी आदतों से अपनी आँखों की सेहत का ख्याल रखा जा सकता है। अगर आपको आँखों से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या है और आप उसका इलाज करवाना चाहते हैं, या आप इसके बारे में जानकारी हासिल करना चाहते हैं, तो आप आज ही मित्रा आई हॉस्पिटल एंड लेसिक लेज़र सेंटर में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।


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